राजस्थान में धोखाधड़ी करने वाले पर मुकदमा दायर

राजस्थान में निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ अब मुकदमा दायर किया जाएगा।

जयपुर: राजस्थान में निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ अब मुकदमा दायर किया जाएगा।
सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि केन्द्रीय रजिस्ट्रार के धोखाधड़ी वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट सोसायटियों के विरूद्ध न्यााय पत्र दायर करने की शक्तियां रजिस्ट्रार सहकारी राजस्थान को अधिकृत की गई है।

पीड़ितों से ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतें प्राप्त

विभाग के रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार के उत्तरदायित्वों के निर्वहन में सहयोग करते हुए विभाग द्वारा निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ जिले में न्याय पत्र के लिए उप रजिस्ट्रार को अधिकृत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़ितों से ऑनलाइन शिकायत प्राप्त करने के लिए राज सहकार पोर्टल की शुरूआत की गई है। इस पोर्टल पर अब तक 75 हजार से अधिक मुक्तानन्द अग्रवाल प्राप्त हुई है।

उन्होंने बताया कि प्राप्त हुई 75 हजार से अधिक शिकायतों में से 74 हजार से अधिक शिकायतें मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों से संबंधित है। जबकि एक हजार से अधिक शिकायतें स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के बारे में प्राप्त हुई है। प्राप्त शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए 160 इस्तगासा स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ दर्ज कराए गए है।

रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल अग्रवाल ने बताया कैसे हुई धोखाधड़ी

रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के द बैंनिग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम एक्ट, 2019 को पूर्व में ही लागू कर दिया है। इसके तहत समस्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश के न्यायालयों को डेजिग्नेटेड कोर्ट घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय रजिस्ट्रार को धोखाधड़ी करने वाली मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए विभाग द्वारा निवेदन किया गया था तथा इन सोसायटियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए रजिस्ट्रार सहकारी समितियों को शक्तियां देने के लिए आग्रह किया गया था।

उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने पर सात साल की सजा एवं कम से कम पांच लाख और अधिकतम 25 करोड़ रूपए जुर्माने का प्रावधान है।

यह भी पढ़े:राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भरतपुर के पूर्व महाराजा सूरजमल को किया याद

Related Articles

Back to top button