ICICI घोटाला मामले में कांग्रेस ने साधा भाजपा पर निशाना, पूछा- चुप क्यों है मोदी सरकार?

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नई दिल्ली। आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर के खिलाफ एक व्हीसल ब्लोअर द्वारा ऋण धोखाधड़ी के नए आरोप लगाने के बाद, कांग्रेस ने सोमवार को मोदी सरकार द्वारा इस मुद्दे पर ‘चुप्पी साधने’ और ‘अहस्तक्षेप’ करने पर सवाल उठाए और पूछा कि सरकार इस मामले में जांच के आदेश क्यों नहीं दे रही है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यहां पत्रकारों से कहा, “खाताधारकों, हितधारकों और शेयरधारकों के हितों की निगरानी, ऑडिट, विनियमन के बजाय मोदी सरकार अपने अपने दोस्तों (क्रोनी फ्रेंड्स) के हितों की रक्षा में व्यस्त है।”

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आईसीआईसीआई बैंक

उन्होंने कहा, “समाचारों और व्हिसल ब्लोअर के पत्र के इस वर्ष मार्च में सामने आने के बाद भी सरकार ने जांच के आदेश क्यों नहीं दिए?”

उन्होंने कहा, “आईसीआईसीआई बैंक घोटाले के परिपेक्ष्य में मोदी सरकार की घोषित अहस्तक्षेप और चुप्पी की वजह क्या है?”

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खेड़ा ने कहा कि क्या कार्यवाहक वित्तमंत्री पीयूष गोयल निजी बैंकों के सभी सीईओ के ऋणदाताओं के साथ संबंधों को घोषित करने के लिए जांच के आदेश देंगे?

उन्होंने कहा, “सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि सभी बैंकों की गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) 230 प्रतिशत तक बढ़ गई है। मार्च 2014 में यह 2,51,054 करोड़ थी जो कि दिसंबर 2017 में बढ़कर 8,31,141 करोड़ रुपये हो गई है।”

उन्होंने कहा कि निगरानी और विनियामक कार्यतंत्र के अभाव की वजह से 61,036 करोड़ रुपये का बैंकिंग घोटाला हुआ और इस वजह से बैंकों के प्रति आम लोगों का भरोसा कम हुआ।

खेड़ा ने कहा, “बैंकिंग घोटाले के अंतर्गत आईसीआईसीआई बैंक के 2,849 करोड़ का खुलासा होना और पर्दे के पीछे संदेहास्पद सौदा सीईओ की भूमिका पर सवाल उठाता है।”

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