ओवरलोड ट्रकों से वसूली का मामला, जांच के घेरे में आ सकते हैं बड़े अधिकारी

गोरखपुर: ओवरलोड ट्रकों से वसूली का मामला उजागर होने के बाद संभागीय परिवहन कार्यालय में हड़कंप मचा है। मंगलवार को भी पूरे दिन आरटीओ में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। जहां एक ओर विभागीय कर्मचारी अफसरों का बचाव करते नजर आएं। दूसरी ओर आरटीओ के बाहर चल रही चर्चा में लोगों ने बड़े अफसरों को कठघरे में खड़ा किया। उनका कहना है कि अभी तो छोटे अधिकारियों की जांच चल रही है। जांच के घेरे में बड़े अधिकारी भी आएंगे।

मंगलवार की दोपहर 12 से 1:30 बजे के बीच आरटीओ दफ्तर में कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं थे। पता चला कि एआरटीओ प्रशासन श्यामलाल एवं आरटीओ भीमसेन मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण का निरीक्षण करने गए हैं। आरटीओ प्रवर्तन भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इस दौरान पूरे परिसर मेें ओवरलोड ट्रकों से वसूली के मामले में जांच के घेरे में आए अधिकारियों के नामों की चर्चा होती रही। चर्चा में कर्मचारी अफसरों का बचाव करते दिखे।

उधर, आरटीओ के बाहर लोगों का कहना था कि बिना आग के धुंआ नहीं निकलता। बिना बडे़ अधिकारियों के संरक्षण के वसूली का यह खेल नहीं चल सकता। अभी तो छोटे अधिकारी जांच के घेरे में आए हैं। बड़े अधिकारी भी जांच के घेरे में आएंगे।

ओवरलोड ट्रकों की वसूली केे मामले में जांच के घेरे में आए आरोपी एआरटीओ एसपी श्रीवास्तव एवं पीटीओ इरशाद ने घटना के खुलासे के बाद से ही छुट्टी ले ली है। प्रवर्तन दल के तीन अधिकारियों में दो के छुट्टी पर चले जाने के कारण वाहनों की जांच का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। बता दें कि प्रवर्तन दल में आरटीओ प्रवर्तन, एआरटीओ प्रतर्वन एवं पीटीओ की जिम्मेंदारी वाहनों के जांच की होती है।

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