सीबीआई को लगा झटका, अगस्ता घोटाले मामले में इटली कोर्ट में सभी आरोपी बरी

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नई दिल्ली। वीवीआईपी हेलिकॉप्टर अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के मामले में इटली की मिलान कोर्ट ने सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया है। भारत में यूपीए के शासनकाल में हुए इस घोटाले में यूपीए सरकार की बहुत बदनामी हुई थी। अब जब से केन्द्र में भाजपा ने सत्ता संभाली है, तब से यूपीए के शासनकाल में हुए घोटालों पर वो छानबीन करने में लगी हुई है। इससे पहले भी यूपीए सरकार के समय में हुए मशहूर 2जी घोटाले में भारत की कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। कांग्रेस इन बातों को लेकर बीजेपी पर अब पलटवार कर सकती है।

सबूत ना मिलने की वजह से इटली कोर्ट ने बरी किए सभी आरोपी

इटली की समाचार एजेंसी ANSA के मुताबिक मामले में अदालत ने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं, जिनसे यह साबित हो सके कि 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील में भ्रष्टाचार हुआ था। इटली की अदालत ने भारत के नुकसान होने के उस आरोप को भी दरकिनार कर दिया है, जिसमें भारत ने इस डील में नुकसान होने की बात कही थी।

इन सब बातों को को मद्देनजर रखते हुए मिलान कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड और फिनमैकनिका के पूर्व चीफ गिसेपी ओरसी, बिचौलिए क्रिश्चन मिशेल, अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व शीर्ष अधिकारियों गियूसेपे ओरसी और ब्रूनो स्पेगनोलिनी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने इस मामले में फिनमैकनिका के पूर्व प्रमुख गिसेपी ओरसी पर इस डील में घूस देने के जो आरोप लगे थे, उन्हें भी खारिज कर दिया है।

इटली में हुए फैसले से भारत में सीबीआई का केस हो सकता है कमजोर

अगस्ता वेस्टलैंड मामले पर मिलान अदालत के इस फैसले से भारत में सीबीआई का केस कमजोर हो सकता है। सीबीआई इस डील के सिलसिले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी समेत कई आरोपियों के खिलाफ जांच कर रही है। सीबीआई ने इस मामले पर बोलते हुए कहा कि उसके पास इस केस में पर्याप्त सबूत हैं। भारत में चल रही उसकी जांच पर इस फैसले का कोई असर नही पड़ेगा। इटली के मिलान कोर्ट में चल रहे इस केस में भारत एक सिविल पार्टी के तौर पर शामिल हुआ था।

ये था पूरा मामला

साल 2010 में 3600 करोड़ रुपये में 12 वीवीआईपी अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीदने का सौदा हुआ था। आरोप है कि इस सौदे को हासिल करने के लिए अगस्ता वेस्टलैंड ने भारतीय अधिकारियों को 423 करोड़ रुपये की घूस दी थी। इटली की निचली अदालत ने मामले में साल 2016 में आरोपियों को दोषी ठहराया था। मामले में ओरसी को साढ़े चार साल और ब्रूनो को चार साल की सजा सुनाई गई थी। अब इटली की मिलान कोर्ट ने मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।

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