बालिका यौन शोषण मामले में सीबीआई जांच की मांग: मुजफ्फरपुर

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बिहार। बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह में यौन शोषण के मामले की चिकित्सकीय पुष्टि होने के बाद बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। विपक्ष, सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगा रहा है। यह मामला सोमवार को बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में भी गूंजा।

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने यहां सोमवार को कहा कि बिहार के बाल सुधार गृह में महिलाओं के साथ सालों से अत्याचार हो रहा है। सरकार हाथ पर हाथ धरकर बैठी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग भी इस मामले में संलिप्त हैं। सरकार उनको बचाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा, “बिहार सरकार मुंह दिखाने लायक नहीं है, जिस तरीके की घटना यहां महिलाओं और बच्चियों के साथ हुई है, उससे मानवता शर्मसार हुई है। ” पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर आरोपियों के बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले के आरोपियों को सरकार संरक्षण दे रही है।

मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की एक टीम ने राज्य के सभी बालिका गृहों का सोशल ऑडिट किया था। टीम ने 26 मई को उसकी रिपोर्ट बिहार सरकार और मुजफ्फरपुर जिला प्रशसन को भेजी, जिसमें यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया। इसके बाद मुजफ्फरपुर महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

मामले की जांच के बाद कई खुलासे हुए हैं। मुजफ्फरपुर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरप्रीत कौर ने सोमवार को कहा कि यहां की 46 लड़कियों की चिकित्सकीय जांच के बाद 21 लड़कियों के साथ यौन शोषण की पुष्टि हुई है। आरोप है कि यहां से छह लड़कियां गायब भी हो गई हैं।

एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एक लड़की द्वारा यौन शोषण का विरोध किए जाने पर उसकी हत्या कर दी गई और शव को बालिका गृह परिसर में ही दफना दिया गया।

कौर ने बताया कि लड़की की निशानदेही पर बालिक गृह परिसर की खुदाई कराई करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक इस मामले में बालिका गृह की अधीक्षिका इंदू कुमारी सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के गायब होने के मामले की जांच की जा रही है। सरकार द्वारा संचालित इस बालिका गृह की देखरेख स्वयंसेवी संस्था ‘सेवा संस्थान संकल्प एवं विकास समिति’ द्वारा की जा रही है।

इस मामले को लेकर सोमवार को विधानसभा और विधानसभा परिषद में विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। बाद में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मामले में सरकार किसी भी दोषी को नहीं बख्शने वाली है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

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