देशभर के छात्रों के लिए केंद्र का बड़ा फैसला,असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए नहीं होगी PhD डिग्री की जरूरत

Union Education Minister धर्मेंद्र प्रधान ने असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) के पद के लिए पोस्टडॉक्टोरल या पीएचडी डिग्री को लेकर बड़ा ऐलान किया है

नई दिल्ली: Union Education Minister धर्मेंद्र प्रधान ने असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) के पद के लिए पोस्टडॉक्टोरल या पीएचडी डिग्री को लेकर बड़ा ऐलान किया है। इस दौरान मंत्री ने कहा- असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पीएचडी अनिवार्य नहीं है और अब विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भर्तियों के लिए पीएचडी की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, अब बिना पीएचडी किए छात्र भी इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।

जानें किन कारणों की वजह से ये फैसला लेना पड़ा

कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल राहत दी गई है, क्योंकि दो साल से कोविड-19 के कारण स्टूडेंट्स की पीएचडी पूरी नहीं हो पाई है। शिक्षा मंत्री ने कहा- “पहले भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में सहायक प्रोफेसर पद पर भर्ती के लिए पीएचडी अनिवार्य कर दी गई थी। लेकिन इस मानदंड को शिक्षा मंत्रालय द्वारा हटा दिया गया है ताकि रिक्त पदों को समय पर भरा जा सके और फैकल्टी/ प्रोफेसरों की कोई कमी के कारण शिक्षा प्रभावित न हो।

 

जानें दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ DUTA के सदस्य आभा देव का विचार

DUTA के सदस्य आभा देव का विचार जानें तो उन्होंने कहा- “इससे विश्वविद्यालय के विभागों में तदर्थ शिक्षकों को मदद मिलेगी, जिनकी पुनर्नियुक्ति इस अनिवार्य पीएचडी खंड के कारण लंबित रखी गई थी।” डूटा ने 15 सितंबर को यूजीसी के अधिकारियों से मुलाकात की थी और ये मु्द्दा उठाया था।

 

 

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