राजधानी में कोरोना के बढ़ते केसों पर लगाम लगाने के लिए हरकत में आई केंद्र सरकार

नई दिल्ली: राजधानी में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार सामने आई है। सरकार ने अस्पतालों में आईसीयू बेड और आरटी पीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाने और अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की दिल्ली में तैनाती जैसे कई कदम उठाए हैं।

कोरोना को रोकने के लिए केंद्र आई सामने

गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कोरोना संक्रमण की विकराल स्थिति से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। इस बैठक के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा स्थिति से निपटने के लिए मिलकर कदम उठाने की बात कही गई थी। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। जिनके तहत डीआरडीओ एयरपोर्ट के निकट संचालित कोविड अस्पताल में 250 अतिरिक्त आईसीयू बेड उपलब्ध कराया जाएगा। केंद्रीय पुलिस बलों के अस्पतलो में तैनात 45 डॉक्टर और 145 अर्ध चिकित्सा कर्मियों को दिल्ली एयरपोर्ट के निकट स्थित अस्पताल और छतरपुर में बनाए गए विशेष कोविड अस्पताल में तैनात किया गया है।

और भी कई डॉक्टरों की होगी तैनाती

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य डॉक्टर और चिकित्सा कर्मी भी इन अस्पतालों में तैनात किए जाएंगे। गृह मंत्रालय ने विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों की 10 टीमों का गठन किया है। जो 100 से भी अधिक निजी अस्पतालों में जाकर बिस्तरओं की स्थिति और जांच क्षमता तथा आईसीयू बेड की स्थिति का आकलन करेंगीं। रेलवे भी शकूर बस्ती में ट्रेन कोचों में 800 बेड तैयार कर रही है। केंद्रीय पुलिस बलों के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी यहां तैनात किए जाएंगे।

प्रवक्ता ने बताया कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने बेंगलुरु से दिल्ली के अस्पतालों के लिए 250 वेंटीलेटर भेजे हैं। इसके अलावा बीआईपीएप मशीनें भी भेजी जा रही हैं। घर-घर जाकर जांच सर्वेक्षण की योजना भी तेजी से शुरू की जा रही है। इसका इस सप्ताह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। यह सर्वेक्षण 25 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और दिल्ली सरकार मिलकर आरटी पीसीआर टेस्ट क्षमता 60,000 तक करने की दिशा में भी काम कर रही हैं।

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