Pegasus Phone Tapping पर रिपोर्ट पब्लिश होने के सवाल पर केंद्र सरकार का जवाब

नई दिल्‍ली: भारत में आज रविवार को सोशल मीडिया पर खबरे चल रही है कि स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर पेगासस (Pegasus) के इस्तेमाल से जुड़ी एक अहम रिपोर्ट पब्लिश होने वाली है। ये खबर चर्चा में तब बनी जब सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने इसका ट्वीट करके लिखा कि ‘मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्रियों, आरएसएस नेताओं, सुप्रीम कोर्ट के जजों के फोन टैप करने के लिए पेगासस की सेवाएं ली गई हैं। केंद्र सरकार ने पेगासस प्रोजेक्ट के सवाल पर एएनआई के माध्यम से मीडिया रिपोर्ट पर जवाब दिया है।

सरकार ने दावों को किया खारिज

सरकार ने रविवार को बताया कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है यहां के सभी नागरिकों का अपना अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने पेगासस के साथ संबंध के दावों को खारिज कर दिया है और ये भी कहा कि कोई अनधिकृत अवरोधन नहीं हुआ है।

कोई भी ठोस आधार नहींकोई भी ठोस आधार नहीं

केंद्र सरकार के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 को इसलिए बनाया गया है ताकि लोगों के निजी डेटा की रक्षा हो सके और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इस्तेमाल करने वालो को सशक्त बनाया जा सके। लोगों पर सरकारी निगरानी रखने के आरोपों का कोई भी ठोस आधार नहीं है।

देश में राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्य से

सरकार का कहना है कि भारतीय लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। देश में राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक संचार का वैध इंटरसेप्‍शन किया जाता है। केंद्र और राज्यों की एजेंसियों द्वारा किसी इमरजेंसी में किया जाता है जिससे किसी सार्वजनिक सुरक्षा के हित में ऐसा किया जाता है।

शिवम का ट्वीट

शिवम ने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘जो लोग जासूसी कर रहे हैं, वो कौन हैं? हम जानते हैं कि वो सरकार है लेकिन उसमें कौन? ये लोग गृह मंत्रालय के तहत हो सकते हैं लेकिन किसी को देखना चाहिए कि असल में कौन हैं।

https://twitter.com/ShivamShankarS/status/1416738450489810950?s=19

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