मोदी के मंत्री ने माना- विपक्ष का महागठबंधन यूपी में बढ़ा सकता है बीजेपी की मुश्किलें

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लखनऊ: हाल ही में हुए उपचुनावों में विपक्षी पार्टियों ने जिस तरह से एकजुट होकर केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार को हार का स्वाद चखाया था उससे बीजेपी सहित राजग सरकार के सभी दलों में एक डर व्याप्त है। ऐसा ही डर रिपल्ब्किन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले के बयान में नजर आया है। रामदास अठावले ने अपने एक बयान में कहा है कि उत्तर प्रदेश में आकार ले रहा विपक्षियों का महागठबंधन 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी की टेंशन बढ़ा सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार, रामदास अठावले ने लखनऊ में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि यदि ये महागठबंधन आकार ले लेता है तो यूपी में यह एनडीए को नुकसान पहुंचा सकता है, यदि वे एक साथ आ जाते हैं तो बीजेपी का 2019 के लोकसभा चुनाव में 50 से ज्यादा सीटें जीत पाना मुश्किल हो जाएगा। इस वक्त उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीटों में से बीजेपी के पास 73 सीटें हैं।

इसके साथ ही रामदास अठावले ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों के लिए एक मंच पर आना आसान काम नहीं है। उन्होंने कि उपचुनाव में दांव पर कम लगा होता है, लेकिन आगे का रास्ता आसान नहीं है, विचारधारा, नीतियां, वोट बैंक, सीटों के बंटवारे पर सहमति, कई सारी चीजें हैं जो उनका रास्ता रोक देगी। जब उनसे महागठबंधन के भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये लोग 30 से 32 सीटें जीत सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वास्तव में पार्टियां जितना पीएम मोदी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करेंगी, उतना ही ज्यादा उनको फायदा होगा, क्योंकि लोग देखेंगे कि ये तो मोदी वर्सेज ऑल है, हमलोग अपने काम के बारे में भी जनता को बताएंगे।

रामदास अठावले ने उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी की विस्तार की नीतियों को बताया और कहा कि इससे बीजेपी को ही फायदा होगा। उन्होंने कहा कि मायावती के समाजवादी पार्टी के साथ जाने से बड़ी संख्या में ऐसे दलित हैं जो बीएसपी से नाराज हैं, यदि बीजेपी हमें 2019 में दो या तीन सीट दे देती हैं तो हमलोग यहां जातिगत समीकरण को पलटने में कामयाब होंगे।

आपको बता दें कि रामदास अठावले ने लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी का विस्तार करने में जुटे हैं। बीजेपी की अठावले का इस काम में मदद कर रही है। इसका उद्देश्य मायावती के दलित वोटों में सेंध लगाना है। बीजेपी के मुताबिक यूपी के जाधव मायावती से जरूर जुड़े हैं, लेकिन पासी समुदाय में असंतोष है, अठावले इन्हें अपनी ओर खींच सकते हैं।

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