बिहार में चमकी बुखार का तांडव, 5 बच्चों की मौत

बिहार में 1 जनवरी से अभी तक चमकी बुखार के 26 मामले आ चुके हैं जिनमें से अब तर 5 बच्चों की मौत हो चुकी है

पटना: बिहार (Bihar) में फिर से चमकी बुखार (Chamki Bukhar) का कहर मंडराने लगा है। जिसकी वजह से बच्चों की मौत हो रही है। SKMCH में बालरोग विभाग के HOD  डॉ. गोपाल शंकर साहनी ने बताया कि मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) के श्री कृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय में चमकी बुखार से शनिवार को एक और बच्चे की मौत हो गई।

HOD ने कहा कि गर्मी बढ़ी है इसलिए चमकी बुखार के 1-2 मामले हर दिन आ रहे हैं। शनिवार को वैशाली जिले में 3 साल के एक बच्चे की मौत हुई है। 1 जनवरी से अभी तक चमकी बुखार के 26 मामले आ चुके हैं जिनमें 5 की मौत हुई है।

चमकी बुखार इन्सेफ्लाइटिस रोग (Encephalitis) विषाणु के प्रकोप से होता है। इसमें मस्तिष्क में अत्यधिक सूजन आ जाता है।

बुखार के लक्षण-

  • डॉक्टरों का कहना है कि इससे दिमाग में बुखार, सिरदर्द, ऐंठन, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
  • रोगी का शरीर निर्बल हो जाता है। वह उजाले से डरता है।
  • कुछ रोगियों में गर्दन में जकड़न आ जाती है। हालाकि ऐसी संभावना बहुत कम होती है।
  • डॉक्टरों के मुताबिक यहां तक कि रोगी लकवा के भी शिकार हो जाते हैं।
  • ये सभी लक्षण मस्तिष्क की सुरक्षा प्रणाली के क्रियाशील (ऐक्टिव) होने के कारण प्रकट होते हैं क्योंकि सुरक्षा प्रणाली संक्रमण से मुक्ति पाने के लिये क्रियाशील हो जाती है।

बुखार के कारण-

  • यह रोग एक प्रकार के विषाणु (virus) से होता है। यह विषाणु इतने छोटे होते हैं कि साधारण सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से भी नहीं देखे जा सकते हैं।
  • इस रोग का वाहक मच्छर किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को काटता है तो विषाणु उस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और लगभग 4 दिन से 14 दिन के अंदर उस व्यक्ति में इस रोग के लक्षण दिखने लगते हैं।

चमकी बुखार का उपचार-

  • मच्छरों से बचाव और टीकाकरण ही इस बीमारी से बचने का उपाय है।
  • इसका टीका (Vaccination) काफी प्रभावी है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

यह भी पढ़ेHappy Birthday Ekta Kapoor: जानिए एकता कपूर को क्यों बोला जाता है? ‘टेलीविजन की जारिना’

Related Articles

Back to top button