चंद्रशेखर से मिलने जा रहीं प्रियंका को भीम आर्मी समर्थकों ने रोका, चंद्रशेखर बोलें कांग्रेस से मेरा लेना-देना नहीं

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दिल्ली:  प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनावी माहौल में बुधवार को भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर से मुलाकात कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ाने की कोशिश की। चंद्रशेखर ने तमाम प्रयासों की हवा निकालते हुए साफ कर दिया कि उनका कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। यदि गठबंधन उन्हें सहयोग करे तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहते हैं।

गौरतलब है कि चंद्रशेख्रर मंगलवार को बिना अनुमति बहुजन सुरक्षा अधिकार यात्रा निकाल कर दिल्ली जा रहे थे। इस पर पुलिस ने उन्हें सहारनपुर में हिरासत में ले लिया था। इसी दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई, उन्हें मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भीम आर्मी समर्थकों ने प्रियंका को रोका

शाम करीब पांच बजे प्रियंका गांधी कांग्रेस नेताओं के साथ मेरठ के आनंद अस्पताल पहुंचीं। पहले तो सुरक्षाकर्मियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं व मीडिया को अंदर जाने से रोक दिया। बाद में जब प्रियंका तीसरे तल पर भर्ती चंद्रशेखर से मिलने पहुंचीं, तो वहां उन्हें भी भीम आर्मी समर्थकों ने रोक दिया। वे बोले, चंद्रशेखर की अनुमति मिलने के बाद ही मिलने जाने देंगे। करीब दस मिनट तक प्रियंका अस्पताल स्टाफ के साथ दूसरे कमरे में बैठी रहीं। इसके बाद ज्योतिरादित्य व राजबब्बर के साथ चंद्रशेखर से मिलने कमरा नंबर 210 में पहुंचीं और हालचाल पूछा। इस दौरान चंद्रशेखर ने प्रियंका गांधी से स्पष्ट कहा कि अगर यह मुलाकात राजनीति से प्रेरित है तो वह कोई बात नहीं करेंगे। इस बीच राजबब्बर व ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कुछ बोलना चाहा, लेकिन चंद्रशेखर ने उन्हें रोक दिया।

उधर, प्रियंका गांधी ने कहा कि मुझे चंद्रशेखर का जोश पसंद आया इसलिए उनसे मिलने आ गई। उनके संघर्ष से परिचित हूं। मोदी सरकार अहंकारी है, जो युवाओं का रोजगार छीनती है। चंद्रशेखर जैसे नौजवान अपने समाज और रोजगार की खातिर आवाज उठाते हैं, जिसे दबाया जा रहा है। प्रियंका ने कहा कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। बहरहाल, शाम 5.35 बजे वह पार्टी नेताओं के साथ अस्पताल से दिल्ली लौट गईं।

पश्चिमी उप्र की किसी सीट से नहीं लड़ेंगे चुनाव

उधर, चंद्रशेखर ने साफ कर दिया कि वह कांग्रेस में नहीं जाएंगे और सपा-बसपा गठबंधन का ही समर्थन करेंगे। भीम आर्मी प्रमुख ने नगीना या पश्चिमी उप्र की किसी सीट से कांग्रेस के समर्थन से चुनाव लड़ने की बात भी खारिज की। कहा, यदि गठबंधन साथ दे तो वह मोदी के खिलाफ बनारस से चुनाव लड़ेंगे। उनका मकसद बहुजन समाज को शिखर पर ले जाना है।

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