Chandrayaan-2 ने चांद पर पानी के अणुओं की मौजूदगी का लगाया पता

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की योजना, चंद्रयान -2 (Chandrayaan-2) को 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किया गया था। हालांकि, लैंडर विक्रम 7 सितंबर को हार्ड-लैंड हुआ,

नई दिल्ली: इसरो के दूसरे चंद्र मिशन चंद्रयान -2 (Chandrayaan-2) ने चंद्रमा पर पानी के अणुओं की मौजूदगी का पता लगाया है, मिशन से प्राप्त आंकड़ों से पता चला है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एएस किरणकुमार द्वारा सह-लेखक एक पेपर में कहा गया है कि इमेजिंग इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर (आईआईआरएस) चंद्रयान -2 पर पेलोड में से एक है, जिसे प्राप्त करने के लिए 100 किमी ध्रुवीय कक्षा में रखा गया है। वैश्विक वैज्ञानिक डेटा।

‘करंट साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित पत्र में कहा गया है, ‘‘आईआईआरएस से मिले शुरुआती डेटा से चंद्रमा पर 29 डिग्री उत्तरी और 62 डिग्री उत्तरी अक्षांश के बीच व्यापक जलयोजन तथा अमिश्रित हाइड्रोक्सिल (OH) और पानी (H2O) अणुओं की मौजूदगी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।”

प्लाजियोक्लेज़-समृद्ध चट्टानों में घोड़ी क्षेत्रों की तुलना में उच्च OH (हाइड्रॉक्सिल) या संभवतः H2O (पानी) के अणु पाए गए हैं, जिनमें उच्च सतह के तापमान पर OH का अधिक प्रभुत्व पाया गया था। चंद्रयान -2 के वांछित परिणाम नहीं मिलने को देखते हुए यह विकास भी महत्व रखता है।

22 जुलाई 2019 को चांद के लिए रवाना किया था

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की योजना, चंद्रयान -2 (Chandrayaan-2) को 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किया गया था। हालांकि, लैंडर विक्रम 7 सितंबर को हार्ड-लैंड हुआ, जिसने भारत के सपने को अपने पहले प्रयास में सफलतापूर्वक चंद्र सतह पर उतरने वाला पहला राष्ट्र बना दिया। अखबार के मुताबित मिशन का ऑर्बिटर ठीक काम कर रहा है और पहले चंद्र मिशन चंद्रयान -1 को डेटा भेज रहा है, और सबूत दिखाता है कि चंद्रमा पर पानी था।

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