आखिरी के १५ मिनट पर टिकी है ‘चंद्रयान-२’ की पूरी कामयाबी

नई दिल्ली: 15 जुलाई को रवाना हो रहा भारत का चंद्रयान 2 मिशन की पूरी कामयाबी आखिरी के १५ मिनट पर है, जो कि बेहद महत्वपूर्ण है। इस मिशन का सबसे महंगा दौर उस समय होगा जब चंद्रयान-२ चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग करेगा। चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह से 30 किमी की ऊंचाई से नीचे आएगा। उसे चंद्रमा की सतह पर आने में करीब 15 मिनट लगेंगे। ये १५ मिनट का समय इसरो के लिए अति महत्वपूर्ण होगा, क्योकि  १५ मिनटों पर ही चंद्रयान की सफलता निश्चित होगी।यह 15 मिनट इसरो के लिए जीवन-मरण का प्रश्न होगा, क्योंकि मिशन की कामयाबी इसी 15 मिनट पर टिकी होगी। लॉन्च के बाद अगले 16 दिनों में चंद्रयान-2 पृथ्वी के चारों तरफ 5 बार कक्षा बदलेगा। इसके बाद 6 सितंबर को चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्र्रुव के पास लैंडिंग होगी।
इसके बाद रोवर को लैंडर से बाहर निकलने 4 घंटे लगेंगे। इसके बाद, रोवर 1 सेंटीमीटर प्रति सेकंड की गति से करीब 15 से 20 दिनों तक चांद की सतह से डाटा जमा करके लैंडर के जरिए ऑर्बिटर तक पहुंचाता रहेगा। ऑर्बिटर फिर उस डाटा को इसरो को भेजेगा।

चंद्रयान- 2 मिशन टाइम लाइन, कब क्या होगा

  • 18 सितंबर 2008 :  तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चंद्रयान 2 मिशन
  • को सहमति दी, योजना शुरू हुई
  • 9 जुलाई से 16 जुलाई 2019 के बीच मिशन को लॉन्च करने का निर्णय हुआ
  • 15 जुलाई सुबह 2.51 बजे की तारीख तय हुई, इसे श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा
  • 6 सितंबर 2019 : लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर उतरेंगे
  • रोवर प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर चलेगा और परीक्षण करेगा
  • एक चंद्र दिवस यानी 14 दिन तक यहां वैज्ञानिक परीक्षण किए जाएंगे
  • एक वर्ष तक चंद्रयान 2 चंद्रमा की परिक्त्रस्मा करते हुए विभिन्न प्रयोग
  • करेगा और डाटा जुटाता रहेगा

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