अपने बयान को लेकर मोदी के खिलाफ फिर बरसे चिदंबरम, कहा- पहले पढ़ें-फिर बोले

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपीए सरकार के कार्यकाल में पूर्व वित्तमंत्री रहे पी चिदंबरम के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया है। यह वाकयुद्ध चिदंबरम के उस बयान में बाद देखने को मिल रहा है जिसमें उन्होंने समस्याओं से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर को अधिक स्वायत्ता देने की मांग की थी। उनकी इस मांग को लेकर पीएम मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

चिदंबरम ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि जाहिर है कि प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के मसले पर मेरा पूरा जवाब नहीं पढ़ा है। मेरा जवाब आज इंडियन एक्सप्रेस के पेज नंबर 7 पर पब्लिश किया गया है। जो लोग इसकी निंदा कर रहे हैं, वो लोग मेरा पूरा जवाब जरूर पढ़ें और बताएं जवाब में कौन सा शब्द गलत है। पीएम मोदी भूत होने की कल्पना करके ही हमला कर रहे हैं।

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वर्ष 2016 में सीमा पार किये गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में अपने बयान पर सफाई देते हुए चिदंबरम ने कहा कि मैंने ये कभी नहीं कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक करना गलत था। मैंने सिर्फ ये कहा था कि इसके पहले भी कई मौकों पर ऐसा किया जा चुका है। वहीं, कांग्रेस जम्मू कश्मीर इकाई ने चिदंबरम के इस बयान से पल्ला झाड लिया है। पार्टी का कहना है कि किसी व्यक्ति की राय जरूरी नहीं कि वह पार्टी की राय हो।

आपको बता दें कि चिदंबरम के इस बयान को लेकर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जम्मू एवं कश्मीर के अलगाववादियों और पाकिस्तान के लोगों की भाषा बोलने और ‘सैनिकों का अपमान’ करने का आरोप लगाया था।

 

बेंगलुरु में भाजपा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर की खातिर हजारों भारतीय जवानों ने अपना जीवन बलिदान किया है और कल वे (कांग्रेस) उन लोगों के सुर में सुर मिलाते देखे गए, जो भारत से आजादी चाहते हैं। यह हमारे जवानों का अपमान है। कांग्रेस को यह कहने में शर्म तक महसूस नहीं हुई।

इसके पहले चिदंबरम ने शनिवार को कहा था कि जम्मू एवं कश्मीर के लिए वार्ताकार की नियुक्ति ध्यान बंटाने के लिए की गई है। उन्होंने कहा था कि कश्मीर घाटी में आजादी की मांग महसूस की जा रही है, जिसका मतलब लोग ज्यादा स्वायत्तता चाहते हैं।

चिदंबरम ने कहा था कि मुझे लगता है कि हमें गंभीरतापूर्वक इस बात का पता करना चाहिए और विचार करना चाहिए कि राज्य के किन क्षेत्रों को हम स्वायत्तता दे सकते हैं।

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