मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रियों को IIM लखनऊ से मिला सर्टिफिकेट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री रविवार को IIM लखनऊ सर्टिफिकेट धारक बन गए। ‘मंथन’ कार्यक्रम का तीन सत्र प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को आईआईएम-एल की मुहर का प्रमाण पत्र मिला। मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं है। उनके सहयोगी सुरेश राणा ने कहा कि यह नई चीजों को सीखने की ये एक अच्छी कवायद थी।

योगी आदित्यनाथ ने 22 सितंबर को लखनऊ के प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में ‘लीडरशीप डेवलेपमेंट प्रोग्राम’ में भाग लिया। उनके कैबिनेट मंत्री भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में उनके साथ थे। सभी मंत्री पहले रविवार की सुबह कालिदास मार्ग स्थित सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर पहुंचे, जहां से वे सभी एक बस में आईआईएम-लखनऊ के लिए रवाना हुए। सीएम योगी समेत सभी मंत्रियों की एक ग्रुप फोटो भी क्लिक की गई।

पिछले तीन रविवार को आयोजित तीन सत्र कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा निर्धारित पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई थी। उन्होंने कहा, ‘इनमें औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है, जिसमें एमएसएमई के साथ-साथ पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्र का प्रचार भी शामिल है। दूसरा क्षेत्र बुनियादी ढांचा है, जहां तीन एक्सप्रेसवे पर ध्यान केंद्रित है। अंतर-राज्यीय सड़कों का फोर लेन, हवाई संपर्क, देश के पहले जलमार्ग आदि शामिल हैं।’

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘मैंने आईआईएम लखनऊ के ‘नेतृत्व विकास कार्यक्रम’ में अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रतिभाग किया। उद्देश्य था जनकल्याण के लिए एक ऐसी टीम को तैयार करना जो उत्तर प्रदेश के 23 करोड़ निवासियों को गुड गवर्नेंस दे और उनकी आशाओं और आकांक्षाओं पर खरी उतरे।’

उन्होंने कहा कि तीन चरणों में आयोजित यह तीन दिवसीय आयोजन एक उपयोगी एवं शिक्षाप्रद अनुभव रहा। मुझे विश्वास है कि इन अनुभवों से Team #NewUP प्रदेश के विकास को नई पहचान देगी एवं जनकल्याण की अपनी प्रतिज्ञा पर खरी उतरेगी।

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