कोरोना वायरस की चपेट में आए बच्चें, हजारों की संख्या में संक्रमित

इस बार बच्चों को भी कोरोना अपनी चपेट में ले रहा है। हालांकि पिछली बार बच्चे इसकी चपेट से वंचित थे।

नई दिल्ली: देश में कोरोनावायरस लगभग सभी राज्य में तबाही मचा रहा है। अभी तक तो कोरोना की चपेट में अधेड़ उम्र के लोग ही देखने को मिल रहे थे लेकिन यह कोरोना का नया रूप है। इस बार बच्चों को भी कोरोना अपनी चपेट में ले रहा है। हालांकि पिछली बार बच्चे इसकी चपेट से वंचित थे लेकिन हालात इस बार ऐसे हो गए हैं वह की डॉक्टर एक्सपर्ट भी इस मामले को देखकर परेशान है की कोरोनावायरस की लहर में बच्चों पर संक्रमण का प्रभाव ठीक उसी तरह होता जा रहा है जैसे किसी बड़े पर।

आपको बता दें कि अंतर यह है अभी बच्चों में कोरोना से लड़ने की क्षमता दूसरों से ज्यादा है लेकिन कई मामले ऐसे हैं जहां बच्चों की जिंदगी को बचाया नहीं जा सका, लिहाजा सावधान रहना बेहद जरुरी है।

बीते दिनों एक आंकड़ा सामने आया है, जो हैरान करने वाला है। एक वेबसाइट पर चल रही खबर के मुताबिक महाराष्ट्र में 1 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 60 हजार से अधिक बच्चे कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं इनमें से करीब 9800 बच्चे 5 साल से कम उम्र वाले हैं। कोरोना के इस बिगड़े रूप में बड़ी संख्या में बच्चों के आने से एक्सपर्ट की भी नींद उड़ा दी है।

80 हजार बच्चे कोरोना संक्रमित

मिली जानकारी के मुताबिक दो महीने से कम वक्त में 80 हजार बच्चे कोरोना से संक्रमित हुए हैं। इसका मतलब अब बच्चों को वायरस का खतरा पहले से कहीं ज्यादा है। कोरोना का नया स्ट्रेन बच्चों को आसानी से अपनी चपेट में ले रहा है। बता दें कि हाल ही में गुजरात के सूरत में 14 दिन के नवजात बच्चे ने कोरोना की वजह से दम तोड़ दिया तो वहीं 7 अप्रैल को सूरत में 13 साल के एक और बच्चे की मौत हुई।

पानीपत में तो मां के गर्भ में ही बच्चे को कोरोना हो गया है। जिसमें मां पहले से ही संक्रमित थी। इन सब आंकड़ों को देखते हुए कोरोना ने इस बार कई धारणाएं बदल दी हैं। कोरोना की पहली लहर में माना जाता था कि इसका बच्चों पर असर घातक नहीं है, लेकिन इसबार ये धारणा टूट गई है।

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