चीन और रूस ने दिखाई नफरत, जो बाइडन को नहीं दी बधाई

डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्‍मीदवार जो बाइडन ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्‍मीदवार डोनाल्‍ड ट्रंप को अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव 2020 के मुकाबले में हराकर बहुमत का आंकड़ा हासिल किया है।

अमेरिका: डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्‍मीदवार जो बाइडन ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्‍मीदवार डोनाल्‍ड ट्रंप को अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव 2020 के मुकाबले में हराकर बहुमत का आंकड़ा हासिल किया है। चुनाव जितने पर जो बाइडन और कमला हैरिस को दुनियाभर से बधाई संदेश मिल रहे हैं। लेकिन दो देश ऐसे है जो शांत बैठे हुए हैं। वो देश चीन और रूस है। इन दोनों ही देशों ने बाइडन के निर्वाचन को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव जीते जो बाइडेन को चीन ने सोमवार को बधाई संदेश देने से इंकार कर दिया है। चीन ने अपने बयान में कहा है कि उसे अभी अंतिम फैसले का इंतजार है। दूसरी तरफ रूस ने भी अभी तक बाइडन की जीत को मान्यता नहीं दी है, रूस ने ट्रंप की तरफ से चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाए जाने और कानूनी विकल्पों के इस्तेमाल का तर्क देते हुए बाइडन को चुनाव जितने व राष्ट्रपति बनने की बात नहीं मानता।

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चीन ने कहा कि हम सहमत नहीं है, चुनाव का परिणाम अभी तय नहीं हुआ है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जो बाइडन ने राष्ट्रपति चुनाव का खुद को विजेता घोषित किया है। हमारा मानना है कि चुनाव का नतीजा अमेरिकी कानूनों और प्रक्रिया के मुताबिक तय होगा कौन बनेगा राष्ट्रपति।

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रूस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मेल इन वोटिंग ने मतदान धांधली की है, रूसी चुनाव आयोग की प्रमुख इला पामफिलोवा ने कहा कि ट्रंप ने मेल-इन वोटिंग प्रक्रिया का का पूरा अध्ययन रखा है और इस चुनावी प्रक्रिया में धांधली की पूरी गुंजाइश है। गौरतलब है कि ट्रंप भी मेल-इन बैलेट्स का विरोध कर चुके थे।

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