पठानकोट हमला : पाकिस्‍तान के बाद अब चीन कनेक्‍शन

चंडीगढ़। पठानकोट आतंकी हमले में चीन कनेक्‍शन सामने आ रहा है। मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। खबरों के अनुसार, एनआईए ने एसपी सलविंदर सिंह की गाड़ी संदिग्‍ध वायरलेस सेट बरामद किया है। यह वही गाड़ी है, जिससे अपहरण करने के बाद आतंकी एयरबेस तक पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि ये वायरलेस सेट चीन में बना है। वायरलेस सेट को जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरट्री भेज दिया गया है। हालांकि वायरलेस सेट से डाटा डिलीट कर दिया गया है।

पठानकोट हमला

पठानकोट हमला : नया सुराग

डाटा को दोबारा निकालने के लिए इसे तकनीकी निगरानी करने वाली खुफिया एजेंसी की फारेंसिक लैब में भेजा गया है। इस घटनाक्रम के बाद एनआईए का सलविंदर सिंह पर शक और गहरा गया है। इससे पहले जम्‍मू के सांबा इलाके में हुए हमले के बाद भी इसी तरह का वायरलेस सेट बरामद किया गया था। एनआईए अब पठानकोट और सांबा हमले को एक साथ जोड़कर देख रही है। यह भी साफ हो गया है कि सांबा हमले के पीछे भी जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है।

इससे पहले एनआईए को आतंकियों द्वारा इस्तेमाल की गई कार में एक कागज की चिट मिली थी, जिस पर  ‘एजीएस 25 दिसंबर 2015’ लिखा था। एजीएस का मतलब है ‘अफजल गुरु स्क्वाड’।  25 दिसंबर 2015, यानी वह तारीख जब प्रधानमंत्री अचानक लाहौर में उतरे थे। ऐसे में माना जा रहा है पठानकोट पर हमला करने वाले आतंकी खुद को एजीएस यानी ‘अफजल गुरु स्क्वाड’ का हिस्सा बता रहे हैं अौर वह मोदी की पाकिस्‍तान यात्रा का बदला लेने आए थे।

सलविंदर पर गहराता शक

राष्ट्रीय जांच एजेंसी पंजाब पुलिस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सलविंदर सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है। एनआईए अधिकारियों ने सलविंदर के बावर्ची और ‘पंज पीर दरगाह’ के रखवाले से भी पूछताछ की। सलविंदर ने दावा किया था कि पठानकोट हमले में शामिल आतंकवादियों की आेर से अगवा किए जाने से पहले वह दरगाह गए थे। हालांकि हर बार उनके अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं।सलविंदर और उनके एक जौहरी दोस्त के साथ आतंकवादियों ने मदन को भी अगवा किया था। इसलिए अब एनआईए तीनों को एक-दूसरे के सामने बिठाकर पूछताछ कर सकती है।

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