चीन विवाद: फ्रांसीसी रक्षा मंत्री की राजनाथ को चिट्ठी- हम भारत के साथ, जवानों को श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच जारी तनाव के मसले पर हर देश की नज़र बनी हुई है. फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले ने सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस तनाव को लेकर चिट्ठी लिखी. फ्रांस ने गलवान घाटी में हुई झड़प में भारत के शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि दी और इस मुश्किल वक्त में भारत के साथ रहने की बात की.फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस ने लिखा कि 20 जवानों को गंवाना एक बड़ा झटका है, ना सिर्फ उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे देश के लिए. इस मुश्किल वक्त में हम फ्रांस की सेना की ओर से अपना समर्थन आपको देते हैं. इसके अलावा उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से जल्द भारत में मुलाकात की बात कही, जिसमें मौजूदा चर्चाओं को आगे बढ़ाया जा सकेगा.

आपको बता दें कि चीन से जारी विवाद में फ्रांस भारत का एक अहम साथी बनकर आया है. क्योंकि कोरोना संकट की वजह से जिन राफेल लड़ाकू विमान की डिलीवरी पर ब्रेक लग गया था, अब फ्रांस ने उन्हें जल्द से जल्द डिलीवर करने को कहा है.इतना ही नहीं पहली किस्त में चार राफेल विमान भारत को दिए जाने थे, लेकिन ताज़ा हालात को देखते हुए अब पहली किस्त में 6 राफेल विमान भारत को मिलेंगे, जो कि जुलाई के अंत तक भारत पहुंच जाएंगे. पिछले साल फ्रांस में जाकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन्हें रिसीव किया था, जिसके बाद से ही भारतीय वायुसेना के पायलट इन विमानों को कमांड करने की ट्रेनिंग ले रहे थे.

अब 22 जुलाई तक भारत को 6 लड़ाकू विमान मिल जाएंगे, जो आधुनिक तकनीक से लैस होंगे. इन विमानों को अंबाला एयरबेस के पास तैनात किया जाएगा, ताकि उत्तरी फ्रंट पर जरूरत पड़ने पर तुरंत इनका इस्तेमाल किया जा सके. मौजूदा दौर में लद्दाख बॉर्डर पर चीन के साथ जिस तरह के हालात हैं उस हिसाब से भारत को राफेल मिलना काफी फायदेमंद हो सकता है.इतना ही नहीं पहली किस्त में चार राफेल विमान भारत को दिए जाने थे, लेकिन ताज़ा हालात को देखते हुए अब पहली किस्त में 6 राफेल विमान भारत को मिलेंगे, जो कि जुलाई के अंत तक भारत पहुंच जाएंगे. पिछले साल फ्रांस में जाकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन्हें रिसीव किया था, जिसके बाद से ही भारतीय वायुसेना के पायलट इन विमानों को कमांड करने की ट्रेनिंग ले रहे थे.अब 22 जुलाई तक भारत को 6 लड़ाकू विमान मिल जाएंगे, जो आधुनिक तकनीक से लैस होंगे. इन विमानों को अंबाला एयरबेस के पास तैनात किया जाएगा, ताकि उत्तरी फ्रंट पर जरूरत पड़ने पर तुरंत इनका इस्तेमाल किया जा सके. मौजूदा दौर में लद्दाख बॉर्डर पर चीन के साथ जिस तरह के हालात हैं उस हिसाब से भारत को राफेल मिलना काफी फायदेमंद हो सकता है.

बता दें कि फ्रांस की रक्षा मंत्री से पहले कई और देशों के प्रमुखों और बड़े नेताओं ने चीन विवाद पर भारत का साथ दिया है. आज ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस मसले पर अमेरिकी रक्षा सचिव से फोन पर बात करेंगे और ताजा हालात पर मंथन होगा.

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