जापान ने भारत-अमेरिका युद्धाभ्यास में हाथ मिलाया तो भड़का चीन

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बीजिंग। भारत और अमेरिका के बीच मालाबार नेवल एक्सरसाइज में जापान को भी शामिल किए जाने से चीन नाराज है। चीन ने कहा कि उम्मीद है टोक्यो ऐसा कोई भड़काऊ काम नहीं करेगा, जिससे इलाके में टेंशन बढ़े।

चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री का बयान
चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के प्रवक्ता होंग लेई ने कहा कि हमारा रुख बिल्कुल साफ है। उम्मीद है, भारत, अमेरिका और जापान टकराव की स्थिति और तनाव का माहौल नहीं होने देंगे।

साउथ चीन सी विवाद का जिक्र

होंग ने कहा कि चीन साउथ चाइना सी (एससीएस) में इंटरनेशनल लॉ के तहत सभी देशों द्वारा ‘फ्रीडम ऑफ नेवीगेशन’ का इस्तेमाल किए जाने का सम्मान करता है।
भारत-जापान ने पहली बार ज्वॉइंट स्टेटमेंट में साउथ चाइना सी मुद्दे पर एकजुटता दिखाई थी।
दोनों देशों ने इलाके में चीन की ‘एकतरफा कार्रवाई’ का विरोध किया था।

भारत दौरे पर जापान के पीएम ने क्या कहा था?
बीते दिनों भारत दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा था कि मालाबार नेवल एक्सरसाइज में जापान भी साझेदार बनेगा।

भारत-जापान ने ज्वॉइंट स्टेटमेंट में क्या कहा था?
दोनों देश ने ज्वॉइंट स्टेटमेंट में कहा था कि हमारा मानना है कि इस विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाना चाहिए। सभी देशों को समुद्री अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना चाहिए। जापान के पीएम आबे के दौरे के दौरान यह स्टेटमेंट दिल्ली में जारी हुआ। नवंबर में अमेरिका ने चीन को कड़ा मैसेज देते हुए साउथ चाइना सी में ‘यूएसएस लासेन’ (गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर) भेजा था। यूएस थिंकटैंक एशिया मैरीटाइम ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव के अनुसार, चीन पहले ही आर्टिफिशियल आइलैंड पर कई बिल्डिंग बना चुका है। यहां उसने कम्युनिकेशन, मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेलिपैड, और कंक्रीट प्लांट बनाए हैं।

क्या है विवाद?
साउथ चाइना सी के बड़े इलाके पर चीन अपना हक जताता है। दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देश भी इस इलाके में स्थित स्प्रेटली आइलैंड, पैरासेल आइलैंड्स और स्कारबोरोफ रीफ पर अपना दावा जताते हैं। इस इलाके में एनर्जी के बड़े रिसोर्स हैं। इस पर दावा जताने वाले देशों में ताइवान, फिलीपींस, वियतनाम और मलेशिया शामिल हैं। समंदर के इस रास्ते से हर साल 4.42 लाख करोड़ रुपए का बिजनेस किया जाता है। चीन ने 2013 के आखिर में एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाकर पानी में डूबे इस रीफ एरिया को आर्टिफिशियल आइलैंड में बदल दिया।
सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मीटिंग में शी जिनपिंग ने कहा था कि वे इस इलाके में सेना तैनात नहीं करना चाहते।
वहीं, अमेरिका का कहना था कि चीन यहां मिलिट्री एक्टिविटीज बढ़ा रहा है।

क्या है मालाबार एक्सरसाइज?
मालाबार, भारत-अमेरिका के बीच नियमित तौर पर होने वाला नेवल फील्ड एक्सरसाइज है। अब जापान भी इसका परमानेंट मेंबर बन गया है। ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर इस एक्सरसाइज के अस्थाई सदस्य रह चुके हैं। सालाना मालाबार एक्सरसाइज 1992 में शुरू हुआ था।
इसमें मैरीटाइम इंटरडिक्शन ऑपरेशन्स एक्सरसाइज के जरिए एयरक्राफ्ट कैरियर्स से लेकर फाइटर कॉम्बैट ऑपरेशन्स जैसी एक्टिविटिज होती हैं। इस साल 26 जनवरी को यूएस प्रेसिडेंट बराक ओबामा और पीएम मोदी ने ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी कर मालाबार एक्सरसाइज को अपग्रेड करने पर सहमति जताई थी। इसी दौरान भारत ने जापान को भी इसमें शामिल होने का न्योता दिया था।

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