इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी न होने से पाक से खफा चीन, 62 बिलियन डॉलर के CPEC प्रोजेक्ट को रोका

चीन द्वारा इस प्रोजेक्ट को रोकने के बाद पाकिस्तान की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिती कोरोना महामारी के कारण पहले से ही हिली हुई है।

नई दिल्ली: यूं तो चीन और पाकिस्तान की दोस्ती पूरी दुनिया में मशहुर है पर अब ऐसा लग रहा कि दोनों देशों के बीच दूरियां आने लगी हैं। इसका अन्दाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि हाल ही में चीन ने पाकिस्तान के साथ शुरू किये गए चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे CPEC प्रोजेक्ट को रोक दिया है।

चीन द्वारा इस प्रोजेक्ट को रोकने के बाद पाकिस्तान की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिती कोरोना महामारी के कारण पहले से ही हिली हुई है।

पाकिस्तान अधिक ब्याज दर पर चीन से ले कर्ज

कोरोना महामारी और आर्थिक विकास में गति धीमी होने के कारण चीन ने पाकिस्तान में निवेश न के बराबर कर दिया है। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि चीन एक रणनीति के तौर पर इस प्रोजेक्ट को रोक रहा है ताकि पाकिस्तान अधिक ब्याज दर पर चीन से कर्ज लेने के लिए मजबूर हो जाए।

इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी ना होने के कारण चीन पाकिस्तान से खफा

विशेषज्ञों के मुताबिक चीन यह कदम इसलिए भी उठा रहा है कि क्युंकि पाकिस्तान में इंफ्रास्ट्रक्चर के काम में तेजी ना ला पाने के कारण चीन पाकिस्तान से खफा चल रहा है। सीपीईसी प्रोजेक्ट्स के कई काम इमरान सरकार ने पहले ही रोक दिया था। इमरान खान ने इस प्रोजेक्ट की कई परियोजनाएं पिछली सरकार के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के संदेह से रोक दिया था।

CPEC प्रोजेक्ट के तहत 62 बिलियन डॉलर का निवेश

सीपीईसी प्रोजेक्ट्स के तहत पाकिस्तान और चीन 62 बिलियन डॉलर का निवेश करने वाले हैं। पाकिस्तान इस प्रोजेक्ट के तहत ही चीन से कुल धनराशि का एक हिस्सा कर्ज के रूप में मांगने वाला था।

CPEC अथॉरिटी के चेयरमैन का नाम भी भ्रष्टाचार में शामिल

ख़बरों के मुताबिक चीन को इस बात से भी झटका लगा है कि सीपीईसी अथॉरिटी के चेयरमैन असीम सलीम का नाम भी भ्रष्टाचार मामले में आया है। चीन ने मिलिट्री को सीपीईसी में इसलिए ही शामिल किया था ताकि भ्रष्टाचार के मामले ना आए।

पाकिस्तान में आर्थिक के साथ राजनैतिक स्थिरता का भी दौर

पाक में इस वक्त कोरोना महामारी के साथ राजनीतिक स्थिरता भी चल रही है। इमरान सरकार के खिलाफ विपक्ष की सारी पार्टीयों ने एक साथ गठबंधन किया है। गठबंधन ने पाकिस्तान सरकार के रोकने के बाद भी पेशावर में 22 नवंबर को मेगा रैली करने की बात कही है।

कोरोना वायरस के चलते पाकिस्तान की आर्थिक स्थिती बहुत ही खराब हो गई है परन्तु फिर भी पाकिस्तान ने कोरोना वायरस पर काफी हद तक नियंत्रण कर लिया है।

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