विरोध के बावजूद पीओके में डैम बनाएगा चीन

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c hina

बीजिंग। कहने को तो चीन भारत का दोस्त बनता है लेकिन समय मिलते ही वह दोस्ती के नाम पर छुरा घोंप देता है। नया मामला यह है कि चीन पीओके में डैम बनाने की तैयारी में है।

सरकारी कंपनी बनाएगी
चीन की सरकारी कंपनी इस डैम को बनाने में आगे आई है। भारत के कड़े विरोध के बावजूद भी चीन इस डैम को जरुर बनाएगा। भारत के कड़े विरोध के बावजूद चीन पीओके में बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। चीन की सबसे बड़ी सरकारी हाइड्रोपावर कंपनियों में से CTGC ने पीओके में डैम बनाने के लिए समझौता किया है।

कहां बनेगा डैम, कितनी आएगी लागत
चीन की सरकारी कंपनी CTGC ने पहले भी चीन में सबसे बड़ा बांध बनाया है। अब इसने पीओके में कोहाला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट डवलप करने के लिए समझौता किया है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है। डैम झेलम नदी पर बनाया जाएगा और इससे 1100 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। इस प्रोजेक्ट पर कुल 2.4 अरब डॉलर की लागत आएगी।

चीन का समझौते पर बयान
चीन ने इसके लिए 30 साल का टैरिफ समझौता किया है। भारत पहले भी चीन की गतिविधियों पर ऐतराज जताता रहा है लेकिन चीन ने इसे शुद्ध व्यावसायिक गतिविधि करार दिया है। उसका कहना है कि इस प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर करते वक्त कश्मीर मुद्दे पर कोई पूर्वाग्रह नहीं रखा गया। साथ ही कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी विवाद पर चीन का रुख उदासीन है।

रणनीतिक है नया कॉरिडोर
कोहाला डैम न्यू चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का अहम प्रोजेक्ट है। यह वही कॉरिडोर है जो चीन के जिनजियांग इलाके में काशगर को पीओके से होते हुए पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ता है। ग्वादर बंदरगाह भी चीन ने ही बनाया है और वही उसे मैनेज भी कर रहा है। यह कॉरिडोर चीन के लिए रणनीतिक और व्यावसायिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

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