CIA का दावा, ‘रूस चीन पर करने वाला था परमाणु हमला, कर चुका था पूरी तैयारी’

रूस और चीन दुनिया के दो शक्तिशाली देश हैं और दोनों ही अमेरिका के दुश्मन माने जाते हैं। ऐसे में दो शक्तिशाली देशों का साथ रहना अमेरिका के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

वाशिंगटन: अमेरिका की खुफिया एजेंसी सेन्ट्रल इंटेलिजेंस अजेंसी(सीआईए) ने अपने एक रिपोर्ट में यह दावा किया है कि रूस चीन पर परमाणु हमला करने वाला था। परन्तु कुछ कारण से रूस ने अपना यह फैसला बदल दिया।

सीआईए ने अपने एक रिपोर्ट में यह बताया कि रूस चीन पर परमाणु हमले की पूरी तैयारी कर चुका था। रूस की मिसाइलों का रूख चीन की तरफ था और 15 मिनट में ही वो चीन पर परमाणु हमला कर देता।

रूस और चीन एक दूसरे का समर्थन करते रहे हैं

चीन और रूस बहुत ही अच्छे मित्र माने जाते हैं। ये दोनों देश हर परिस्थिती में एक दूसरे का समर्थन करते रहे हैं। फिर ऐसी क्या नौबत आ गई कि रूस को चीन पर हमला करने के बारे में सोचना पड़ा? अमेरिकी एजेंसी के मुताबिक रूस चीन पर इतना गुस्सा था कि उसने लगभग चीन पर परमाणु हमला कर ही दिया था।

रूस और चीन की दोस्ती अमेरिका के लिए खतरा

एजेंसी की यह खबर लोगों को परेशान कर सकती है क्युंकि रूस और चीन एक दूसरे के बहुत ही अच्छे दोस्त हैं। इनकी दोस्ती अमेरिका की बादशाहत के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता है और अमेरिका के पास ऐसा कोई शक्तिशाली मित्र देश नहीं है जो उसके साथ खड़ा हो सके। ऐसे में अमेरिका हमेशा से ही ऐसी खबरों से चीन और रूस की दोस्ती में दरार डालने की कोशिश करता ही रहा है।

रूस और चीन दुनिया के दो शक्तिशाली देश हैं और दोनों ही अमेरिका के दुश्मन माने जाते हैं। ऐसे में दो शक्तिशाली देशों का साथ रहना अमेरिका के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इसलिए अमेरिका समय-समय पर ऐसी बातें करके उनकी दोस्ती तोड़ने की कोशिश करता है।

परमाणु परीक्षण के बाद चीन बना था पांचवा सबसे शक्तिशाली देश

सीआईए की रिपोर्ट के अनुसार यह बात शीत युद्ध के समय की है। अगर शीतयुद्ध के समयकाल को देखे तो उस समय पर पूरी दुनिया पर परमाणु खतरा मंडरा रहा था। उस समय रूस के सबसे शक्तिशाली देश होने के कराण चीन भी रूस का समर्थन करता परन्तु चीन के परमाणु परीक्षण प्रोजेक्ट 596 के बाद दोने देशों के बीच हालात बिगड़ते गए।

परमाणु परीक्षण के सफल होने के बाद चीन पांचवा सबसे शक्तिशाली देश बन गया था। इस समय दोनों देशों के सेनाओं के बीच झड़प भी हुई। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण दोनों देशों ने अघोषित युद्ध भी लड़ा।

रूस के हमले में मारे गए चीन के सैकड़ों सैनिक

विवाद के कारण चीन का रूस की सेना पर हमला करने के बाद रूस ने गुस्से में आकर अपने स्ट्रैटेजिक मिसाइलों को चीन की तरफ कर दिया जो कि 1500 किलोमीटर की दुरी पर हमला करने में 15 मिनट से भी कम समय लेती थी।

हालांकि रूस ने दूसरा तरीका अपनाते हुए केजीबी के एलीट बॉर्ड सेना से चीन पर हमला किया। इस हमले में चीन के सैकड़ों सैनिक मारे गए। इसके बाद चीन के शान्ति पहल के बाद रूस ने अपना रूख बदला और अपनी मिसाइलों को हटाया।

अमेरिका इस शीतयुद्ध का जिक्र करके रूस और चीन के बीच फूट डालने का प्रयास करता रहा है। ताकि उसकी बादशाहत हमेशा बनी रहे।

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