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Job नहीं मिलने से सिविल इंजीनियर युवक नहीं हुआ परेशान, खोल दी ऑनलाइन कबाड़ी की दुकान

लखनऊ: पिछले साल कोरोना महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन में कई की नौकरी (Job) चली गई और कई तो बेसहारा हो गए। कहते है जब सभी रास्ते बंद हो जाए तो खुद एक नया रास्ता बना लेना चाहिए, ठीक ऐसे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सिविल इंजीनियर युवक ने लॉकडाउन में नौकरी (Job) ना मिल पाने की वजह से खुद अपने घर पर कबाड़ी की दुकान खोल ली। इसी ने एक ऐसी नहीं शुरुआत की जो अभी तक नहीं किया उसने कबाड़ को ऑनलाइन मंगवाकर अपने लिए रोजगार की व्यवस्था की।

सिविल इंजीनियर युवक ने कबाड़ की दुकान खोली तो शुरुआत में समाज के लोगों ने उसकी काफी बुराई की, लेकिन वो पीछे नहीं हटा और कुछ समय के बाद युवक खुद की गोदाम में बाकि लोगो को नौकरी दिया। उसके बाद उसने अपनी दुकान में कर्मचारी रखकर काम कराना शुरू कर दिया। जो लोग पहले उसके काम की बुराई कर रहे थे आज सभी लोग उसके काम से खुश हैं।

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नौकरी नहीं मिलने के बाद शुरू किया कबाड़ की दुकान

जानकारी के मुताबिक, मड़ियांव थाना क्षेत्र में रहने वाले ओमप्रकाश ने अपने घर में कबाड़ की दुकान खोली है, इन्होने सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। लॉकडाउन में पढ़ाई पूरी करने के बाद ओमप्रकाश नौकरी की तलाश में भटक रहे थे। जब उनकी तलाश पूरी नहीं हुई तो लखनऊ लौट कर घर में ऑनलाइन kabadi.com खोल लिया। इनका मकसद था कि कबाड़ के सामान को ऑनलाइन लेकर लोगों तक उचित रुपये और सही सामान लिया जा सके।

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बिजनेश के बारे में दी जानकारी

ओमप्रकाश ने अपने नए बिजनेश के बारे में बताया है कि वह ऑनलाइन लोगों की रिक्वेस्ट रिसीव करते हैं। फिर उनके दो लोग अपॉइंटमेंट लेकर लोगों के घर पहुंचते हैं और कबाड़ जमा करते हैं। वेबसाइट पर दिए रेट के मुताबिक वो पैसा देते हैं और कबाड़ लेकर गोदाम पहुंच जाते हैं। कबाड़ देने वाले और लेने वाले दोनों के बीच में बड़ी पारदर्शिता रहती है। जिससे दोनों के बीच कोई भी परेशानी नहीं आती है।

 

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