छात्रों ने आरारोट से बनाया बायोप्लास्टिक

Copy

लखनऊ। बच्चे अगर ठान लें तो वह कुछ भी कर सकते हैं सिर्फ उनको जरूरत है उचित मार्गदर्शन की। अगर उनको सही मार्गदर्शन दिया जाए तो वह आसमां से तारे भी तोड़ के ला सकते हैं। ठीक ऐसा ही लखनऊ के एक स्कूनली छात्र ने किया है।

दसवीं के छात्र ने बनाया बायोप्लास्टिक
शनिवार को सीबीएसई ने शहर के एक स्कूटल में स्टेट लेवल साइंस एग्जिबिशन का आयोजन कराया था जिसमें कुछ नामी स्कूलों के छात्रों ने शिरकत की और अपने हुनर को उकेरा। इस एग्जिबिशन की सबसे खास बात एलपीएस कानपुर रोड के दसवीं के छात्र की बायोप्लास्टिक रही। प्रदेश में पॉलीथीन पर बैन लगने के बाद वहो मौजूद सभी लोगों ने इसको खूब सराहा।

इको फ्रेंडली है बायोप्लास्टिक
दसवीं के छात्र मयंक और प्रज्ञानंद ने आरारोट,ग्लिसरीन, पानी के साथ सिरका को एसेटिक एसिड को मिलाकर एक पेसट बनाया फिर उसके बाद इससे एक लेयर तैयार की। यही लेयर प्लास्टिक है। यह प्लास्टिक पॉलीथीन की तरह ही पारदर्शी थी और सबसे मजे की बात है कि यह गलती नहीं है। छात्र मयंक ने बताया कि यह प्लास्टिक पूरी तरह से इको फ्रेंडली है।

जलाने पर नहीं होगा नुकसान
इस बायोप्लागस्टिक को रिसाइकिल भी किया जा सकता है। छात्रों ने बताया कि जानवर इसको खाते भी हैं तो इससे कोई नुकसान नहीं होगा। बड़ी खुशी की बात है कि यह बायोप्ला स्टिक किसी भी तरह से वातावरण को नुकसान नहीं करेगा। छात्र प्रज्ञानंद ने बताया कि आरारोट के अलावा केले के छिलके और आलू से भी इस तरह की बायोप्लानस्टिक बनाई जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button