विश्वास मत के अभाव में कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी की सरकार को लगेगा झटका

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बंगलुरु: भाजपा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से कहा कि यदि उन्हें संविधान और राज्य के लोगों में विश्वास है तो इस्तीफा देकर घर जाइये। भाजपा ने कहा कि कुमारस्वामी ने खुद विश्वास प्रस्ताव को पेश किया था लेकिन विश्वास की प्रक्रिया काफी लंबी है। फेसबुक पर भाजपा ने लिखा, ‘अगर आपको संविधान और राज्य के लोगों के पर विश्वास है तो आप इस्तीफा दे दें और घर चले जाएं।’ इसके साथ भाजपा ने कन्नड़ में हैशटैग के साथ लिखा राज्य के लोग आपको माफ नहीं करेंगे।

कांग्रेस मंत्री डीके शिवकुमार ने कर्नाटक विधानसभा में कहा, ‘भाजपा इस बात को स्वीकार क्यों नहीं कर रही है कि उसे कुर्सी चाहिए? वह क्यों नहीं मान रहे हैं कि ऑपरेशन लोटस के पीछे उसका हाथ है? उन्हें यह बात माननी चाहिए कि उन्होंने इन (बागी) विधायकों से बात की है।’

अन्य खाश बातें

  • दो निर्दलीय विधायकों को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया।
  •  स्पीकर ने कहा कि विश्वास मत पर किसी भी सूरत में आज ही वोटिंग होगी।
  • स्पीकर ने अयोग्यता के मुद्दे पर बागी विधायकों को नोटिस भेजा।
  • मायावती ने अपने इकलौते विधायक से कहा- कुमारस्वामी के पक्ष में वोट दें।

इसके साथ ही कर्नाटक उच्च न्यायालय में वकील आनंद मूर्ति ने एक जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विश्वास मत में जानबूझकर देरी की जा रही है। इसके साथ ही बसपा विधायक कुमारस्वामी को वोट करेंगे। बसपा सुप्रीमो ने खुद अपने विधायक से ये बात कही है।

स्पीकर ने बागी विधायकों को भेजा नोटिस

कर्नाटक के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कहा, ‘मैं आज एक आदेश पारित करुंगा। मुझे आदेश पारित करने में देरी इसलिए हो गई क्योंकि मैं उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रतीक्षा कर रहा था। अपने भाषणों में आज इस बात को सुनिश्चित करें कि विधानसभा की गरिमा बनी रहे। ये समय काटने वाली रणनीति है। यह विधानसभा, अध्यक्ष की छवि और विधायकों के रूप में आपकी भी छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।’

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सरकार की राजनीतिक तस्वीर आज साफ होने की उम्मीद है। अपेक्षा है कि विधानसभा में आज विश्वास मत पर वोटिंग होगी। सरकार के बागियों को मनाने के सभी प्रयास विफल हो गए हैं। इसी बीच दो बागी विधायकों को उच्चतम न्यायालय से झटका लगा है। अदालत ने दो निर्दलीय विधायकों की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया है। इन विधायकों ने अदालत से आज विधानसभा में विश्वास मत कराने का निर्देश देने के लिए याचिका दायर की थी। जिसपर अदालत ने तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया है।

स्पीकर केआर रमेश कुमार ने बागी विधायकों को समन भेजकर उनसे 23 जुलाई को सुबह 11 बजे दफ्तर में मिलने को कहा है। गठबंधन नेताओं द्वारा अयोग्य ठहराए जाने (बागी विधायकों की) वाली याचिका पर नोटिस भेजा गया है।  स्पीकर केआर रमेश ने कहा है, ‘मुझे भरोसा है कि विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आज पूरी हो जाएगी और सदन वोटिंग के लिए सहमत होगा। मैं अकेले इस पर फैसला नहीं कर सकता लेकिन मुझे विश्वास है कि सरकार वोटिंग आज कराने के अपने वादे को निभाएगी।’

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