जहरीली शराब मामले में CM शिवराज ने एसपी को हटाया, प्रदेशभर में सख्त कार्रवाई के निर्देश

जहरीली शराब मामले में CM शिवराज ने एसपी को हटाया, सख्त कार्रवाई का दिये निर्देश

भोपाल: मध्यप्रदेश के CM शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन में हाल ही में जहरीली शराब के सेवन के कारण एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत के मामले की प्रारंभिक जांच के बाद आज पुलिस अधीक्षक को हटाने के आदेश दिए।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार CM शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास स्थित कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में उज्जैन घटना से संबंधित पूर्ण जानकारी हासिल की है। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस की मौजूदगी में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा ने उज्जैन घटना की जांच के दौरान आए तथ्यों से अवगत कराया। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन एसपी को हटाने और नगर पुलिस अधीक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए।

उज्जैन की घटना में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई

उज्जैन के खाराकुआ थाना के प्रभारी और तीन अन्य पुलिस कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए पहले ही निलंबित किया जा चुका है। CM चाैहान ने आज की बैठक में फिर से दोहराया कि उज्जैन की घटना में सभी दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने राज्य में अन्य जिलों में भी सक्रिय संगठित असामाजिक तत्वाें के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

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सूत्रों के अनुसार शिवराज चौहान ने उज्जैन की घटना में अभी तक हुयी कार्रवाई का विवरण भी डॉ राजौरा से प्राप्त किया। बैठक में बताया गया कि आरोपियों की गिरफ्तारियां हुयी हैं और पुलिस एवं आबकारी अमले के खिलाफ भी कार्रवाई की गयी है। उज्जैन की घटना की जांच डॉ राजौरा ने की है और इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है।

अवैध रूप से नशीली वस्तुओं का विक्रय रोका जाए

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अवैध रूप से नशीली वस्तुओं का विक्रय रोका जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बैठने वाले अत्यंत गरीब व्यक्ति और भिखारी इस तरह की नशीली वस्तुओं का सेवन नहीं कर पाएं, इसके लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाने चाहिए। इस तरह की नशीली वस्तुएं प्रदाय करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

उज्जैन में हाल ही में नशीली वस्तुओं और कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन के कारण कम से कम 12 लोगों की मौत हुयी है। इस मामले की जांच का जिम्मा मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ राजौरा को सौंपा था।

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