सीएम योगी ने अन्नदाताओं को किया आश्वस्त, किसानों की जमीन कोई नहीं ले सकता

किसान आंदोलन की आड़ में विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्नदाताओं को आश्वस्त किया कि किसानों की जमीन कोई नहीं ले सकता।

बरेली: किसान आंदोलन की आड़ में विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्नदाताओं को आश्वस्त किया कि किसानों की जमीन कोई नहीं ले सकता। किसान को उसकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पूर्व की भांति मिलता रहेगा।
सीएम योगी ने गुरूवार को यहां आयोजित ‘किसान सम्मेलन’ में जिले में 981.62 करोड़ रुपए की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

उन्होंने सेतु, आवास, विद्यालय, चिकित्सालय, एसटीपी से सम्बन्धित 461.87 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 519.75 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होने कहा कि यहां लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई विकास परियोजनाएं जिले में व्यापक परिवर्तन का माध्यम और स्थानीय प्रगति की प्रतीक बनेंगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही बरेली का एयरपोर्ट शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के हित के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर लाभान्वित किया है। किसान हमारे अन्नदाता हैं, उनके हितों के लिए केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा निरन्तर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। वर्तमान सरकार द्वारा सत्ता में आते ही प्रदेश के 86 लाख किसानों का लगभग 36,000 करोड़ रुपए का ऋण माफ किया गया।

उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित की

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने सत्ता में आते ही क्रय केन्द्रों की स्थापना कर किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित की। पहले साल में ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 36 लाख मीट्रिक टन गेहूं एवं 40 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय किया गया। अगले साल 56 लाख मीट्रिक टन गेहूं तथा 52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई।

मूल्य पर धान क्रय किया जा रहा

वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान क्रय किया जा रहा है। इस वर्ष अब तक 36 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। यह पिछले साल इसी अवधि में हुई धान खरीद से डेढ़ गुना अधिक है। किसान जब तक चाहेगा, तब तक 4,500 धान क्रय केन्द्रों के माध्यम से धान की खरीद की जाएगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य सीधे किसानों के खातों में अन्तरित किया जाएगा।

उपज का अधिक से अधिक मूल्य प्राप्त हो

उन्होने कहा कि किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक मूल्य प्राप्त हो, इसके लिए प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया की आवश्यकता है। नए कृषि कानूनों में इस व्यवस्था का प्राविधान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत किसानों को 6,000 रुपए प्रतिवर्ष प्रदान किए जा रहे हैं। इस योजना के अन्तर्गत अब तक 22,000 करोड़ रुपए की धनराशि उनके खातों में भेजी जा चुकी है। योजना के तहत शीघ्र ही अगली किस्त भी अन्तरित कर दी जाएगी।

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किसानों की जमीन कोई नहीं ले सकता

सीएम योगी ने कहा कि किसानों की जमीन कोई नहीं ले सकता। किसान को उसकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पूर्व की भांति मिलता रहेगा। प्रदेश में गन्ना किसानों का जितने गन्ना मूल्य का भुगतान वर्तमान सरकार में कराया गया है, उतने गन्ना मूल्य का भुगतान इससे पूर्व कभी नहीं हुआ। प्रदेश में गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में जितनी चीनी की आवश्यकता है, वह यहीं पैदा की जा रही है। इससे सम्बन्धित उद्योग लगाने के लिए विभिन्न प्रकार छूट दी जाएगी।

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केन्द्र एवं प्रदेश सरकार विकास के लिए कार्य कर रही

उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार गांव, गरीब, नौजवान, महिलाओं आदि के विकास के लिए प्राथमिकता पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास की प्रक्रिया को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। ‘किसान सम्मेलन’ को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने कहा कि देश व प्रदेश सरकार किसानों के हित के लिए सदैव प्रयत्नशील रही हैं। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलायी जा रही है, जिसका लाभ किसानों को सीधे मिल रहा है।

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