सीएम योगी ने दिए निर्देश, बाढ़ नियंत्रण संबंधित कार्य को अगले साले मई तक करे पूरे

सीएम योगी ने रविवार शाम अपने सरकारी आवास पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुये कहा कि बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्यो को हर हाल में 15 जनवरी से शुरू कर लिया जाये।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हर साल बाढ़ से होने वाली जनहानि को रोकने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ नियंत्रण से सम्बन्धित कार्यों को अगले साल 15 जनवरी से मई के बीच पूरा करने के निर्देश दिये हैं। सीएम योगी ने रविवार शाम अपने सरकारी आवास पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा करते हुये कहा कि बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्यो को हर हाल में 15 जनवरी से शुरू कर लिया जाये। इस सम्बन्ध में सभी औपचारिकताएं शीघ्रता से पूर्ण की जाएं, जिससे बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी कार्यों को मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए।

उन्होंने कहा कि जन-धन हानि को रोकने के लिए त्वरित ढंग से कदम उठाना राज्य सरकार का दायित्व है। इसके सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होने बिजनौर, मेरठ, बुलन्दशहर में गंगा से होने वाली कटान के सम्बन्ध में कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सहारनपुर में पूर्वी यमुना का अवशेष कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए, जिससे परियोजना का लाभ जनसामान्य को प्राप्त हो सके। उन्होंने हमीरपुर को बाढ़ से बचाने के लिए तटबंध बनाने तथा पुराने वाॅटर रिजर्वायर के संरक्षण के सम्बन्ध में प्रस्ताव बनाकर केन्द्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए।

बैठक में बाढ़ नियंत्रण सम्बन्धी परियोजनाओं के सम्बन्ध में एक प्रस्तुतीकरण के जरिये सीएम योगी को बताया गया कि वर्ष 2020 में प्रदेश में बाढ़ से कुल 29 जिले प्रभावित हुए। बाढ़ के दौरान सभी तटबन्ध सुरक्षित रहे। मात्र आजमगढ़ में जोकहरा तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ।

यात्रा भवन का लोकार्पण किया गया

बैठक में अयोध्या में नया घाट के सौन्दर्यीकरण और मुक्ति घाट के निर्माण के सम्बन्ध में भी प्रस्तुतीकरण किया गया। सीएम योगी ने कहा कि गाजियाबाद में शनिवार को उनके द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का लोकार्पण किया गया है। चुनार के पत्थरों के प्रयोग से निर्मित इस भवन का सौन्दर्य दर्शनीय है।

ये भी पढ़ें : झारखंड में खेती की आधुनिक विधि अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही महिला किसान

प्रदेश में प्राप्त होने वाले पत्थरों का उपयोग किया जाए

उन्होंने कहा कि अयोध्या में नया घाट, मुक्ति घाट आदि के निर्माण में भी प्रदेश में प्राप्त होने वाले पत्थरों का उपयोग किया जाए। इससे स्थानीय तौर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होते हैं। उन्होंने सौन्दर्यीकरण में विन्टेज लाइट्स के प्रयोग और उनके बेहतर रख-रखाव के निर्देश भी दिए।

ये भी पढ़ें : हिन्दू महासभा ने किया जागरुक, शादी समारोह में फिजूलखर्चो से बचे

इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

उन्होंने कहा कि अयोध्या में नया घाट से राम की पैड़ी होते हुए गुप्तार घाट तक एक वैकल्पिक मार्ग की भी व्यवस्था की जाए। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री डाॅ महेन्द्र सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, अपर मुख्य सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी वेंकटेश, सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन अनिल गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button