को-ऑपरेटिव बैंक अब RBI की निगरानी में करेंगे काम, मुद्रा लोन पर ब्याज में छूट की घोषणा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। जावड़ेकर ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने एक अध्यादेश पारित किया है। अध्यादेश पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद सभी तरह के सहकारी बैंक आरबीआई के निगरानी के दायरे में आ गए हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि मुद्रा लोन 18 से 20 करोड़ लोगों को मिले। यह एक तरह से दुनिया का सबसे बड़ा स्मॉल लोन प्रोग्राम है। इसके अंतर्गत 50 हजार रुपये के लोन को शिशु लोन कहते हैं। 9 करोड़ 37 लाख लोगों ने यह शिशु लोन लिया है। इस तरह का लोन लेने वालों को ब्याज में दो फीसद की छूट मिलेगी। यह एक जून, 2020 से लागू होगी।

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सहकारी बैंकों के आरबीआइ के अंतर्गत आने से सहकारी बैंकों में ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा। आरबीआई की शक्तियां जैसे अनुसूचित बैंकों पर लागू होती हैं, वैसे ही सहकारी बैंकों पर भी लागू होंगी। उन्होंने कहा कि बताया कि देश में 1482 शहरी सहकारी बैंक और 58 बहु-राज्यीय सहकारी बैंक हैं।

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘1540 सहकारी बैंकों को आरबीआई की निगरानी में लाने के फैसले से इन बैंकों के 8.6 करोड़ से अधिक जमाकर्ताओं को यह आश्वासन मिलेगा कि उनका बैंकों में जमा 4.84 लाख करोड़ रुपया सुरक्षित रहेगा।’

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘मुद्रा लोन करीब 18 से 20 करोड़ लोगों को मिला है। 9 करोड़ 33 लाख लोगों को शिशु लोन मिला है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शिशु लोन के योग्य लाभार्थियों को 12 महीनों के लिए ब्याज में 2 फीसद की छूट प्रदान करने का फैसला लिया है।’

जावड़ेकर ने बताया कि कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई हड्डा बनेगा। दक्षिण पूर्वी एशिया के देश जैसे- थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका आदि देशों से कई लोग भारत में आना चाहते हैं। कुशीनगर एयरपोर्ट से ऐसे लोगों को बहुत फायदा होगा।

 

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