कोल इंडिया कोयला ढुलाई व्यवस्था को मशीनीकृत करने की दिशा में अग्रसर

कोल इंडिया ने अपनी खदानों से पाइप्ड कन्वेयर बेल्ड के जरिये कोयले की ढुलाई करने के लिए निविदा जारी की है।

नयी दिल्ली: कोयला खनन क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने सड़क के माध्यम से कोयले की ढुलाई की व्यवस्था को बदलकर अपनी सभी 35 परियोजनाओं के लिए मशीनीकृत परिवहन सुविधा शुरु करने के लिए 20 सितंबर तक निविदा जारी कर दी थी।

कोल इंडिया ने अपनी खदानों से पाइप्ड कन्वेयर बेल्ड के जरिये कोयले की ढुलाई करने के लिए निविदा जारी की है। पाइप्ड कन्वेयर बेल्ड कोयला परिवहन की एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें कोयला ढंका रहता है और उसकी धूल वातावरण में नहीं उड़ती । इससे पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा मिलता है।

कंपनी ने आज यह जानकारी दी कि उसने योजना के अनुसार,पहले चरण की अपनी सभी 35 परियोजनाओं के लिए 20 सितंबर तक निविदा जारी कर दी थी। कोयले की तेज ढुलाई के लिए कोल हैंडलिंग संयंत्र और भंडार भी सीआईएल की छह अनुषंगी कंपनियों में शुरु किये जायेंगे। निविदा में इसका भी उल्लेख है।

कोल हैंडलिंग संयंत्र और भंडार से कोयले की क्रशिंग और उसे खास आकार में करने का काम होता है। इससे तीव्र कंप्यूटराइज्ड लोडिंग भी होती है। मशीन से लोडिंग होने के कारण काेयले का लदान उचित मात्रा में होगा तथा इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि बेहतर गुणवत्ता के कोयले का लदान ही हो।

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