भारत मे आई कोयले की कमी, बिजली गुल होने की कगार पर यूपी, हो सकती है भारी कटौती

लखनऊ: भारत में अब धीरे धीरे कोयले की कमी होना शुरू हो गई है। अब कोयला बाहर से मंगाने के कगार पर खड़ा है, कोयले की कमी से उत्तर प्रदेश में चल रहा बिजली संकट आने वाले दिनों में और भीषण हो सकता है। उत्तर प्रदेश में 8 बिजली संयंत्र पहले ही काम करना बंद कर चुके हैं और 6 बिजली संयंत्र अन्य कारणों से पहले ही बंद हो चुके हैं।

राज्य में वर्तमान में 14 बिजली संयंत्र हैं जो अस्थायी रूप से बंद हैं। पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक 15 अक्टूबर से पहले कोयले की सप्लाई में किसी भी तरह का सुधार होता नहीं दिख रहा है।

उमस और बिजली की मांग बढ़ने की वजह से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों में भयंकर रूप से बिजली की कटौती हो रही है। ग्रामीण इलाकों में घोषित रूप से 4 से 5 घंटे की कटौती हो रही है, तो शहरी उपभोक्ताओं को भी अघोषित रूप से घंटों तक बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।

फिलहाल, उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग 20,000 से 21,000 मेगावाट के बीच है, लेकिन आपूर्ति 17,000 मेगावाट पर बनी हुई है। इससे निपटने के लिए संबंधित अधिकारियों ने कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में 4-5 घंटे बिजली कटौती की घोषणा की है।

14 अस्थायी रूप से बंद बिजली संयंत्रों ने राज्य को 4520MW की आपूर्ति की। अब, बिजली की कमी के साथ, एक्सचेंज पर प्रति यूनिट बिजली की दरें 20 रुपये तक बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार अब 15-20 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदने को मजबूर है। सबसे अधिक प्रभावित उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पाद निगम लिमिटेड (UPPCL) के बिजली संयंत्र हैं।

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