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5 दिन बाद नक्सलियों के गिरफ्त से वापस लौटे कोबरा जवान, अमित शाह ने की बात

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पांच दिन पहले नक्‍सलियों से हुए मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ के जवान राकेश्‍वर सिंह मनहास को बंधक बना लिया गया था। शुक्र है कि गुरुवार को नक्‍सलियों ने राकेश्‍वर सिंह मनहास को रिहा कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस समय तर्रेम में 168वीं बटालियन के कैंप में राकेश्वर मौजूद है और वहां उनकी मेडिकल जांच की जा रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कोबरा बटालियन के जवान की घर वापसी के बाद उनसे फोन पर बात करके हाल जाना।

Amit Shah ने फोन पर की बात

गृह मंत्रालय के अधिकारी ने जानकारी दी है कि अमित शाह (Amit Shah) ने कांस्टेबल राकेश्वर सिंह मनहास से फोन पर उनका कुशलक्षेम जाना है। आपको बता दें कि इससे पहले अमित शाह ने बीजापुर स्‍थित सीआरपीएफ कैंप में जाकर जवानों से मुलाकात करके उनका मनोबल बढ़ाया था। इस दौरान उन्होंने कहा, ये भारत देश जवानों के इस बलिदान को भुला नहीं पाएगा और उनका बलिदान व्‍यर्थ नहीं जाएगा।

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कुछ बातों का नहीं हुआ खुलासा

तीन अप्रैल को बीजापुर में नक्सिलयों ने सुरक्षाबलों पर हमला बोला था जिसमें 22 सुरक्षा कर्मी शहीद हो गए थे। इस दौरान नक्सलियों ने 210वीं बटालियन के कोबरा कमांडो मनहास को बंधक बना लिया था। जवान को सुरक्षित वापस कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समुदाय के एक सदस्य सहित कुछ लोगो का एक दल गठित किया गया था। इसके बाद माओवादियों ने मनहास को मुक्त कर दिया। उन्हें कब, कैसे और किसके साथ रिहा किया गया। कितने बजे वह कैंप पहुंचे, इन सभी बातों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है।​​​​​​

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परिजनों से जवान ने की बात

सीआरपीएफ ने जानकारी दी है कि राकेश्वर सिंह मनहास सुरक्षित है और उनका स्वास्थ्य बिलकुल ठीक है। मुक्त होने के तत्काल बाद उसका अनिवार्य विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस बारे में उनके परिजनों को जानकारी दे दी गई है। कांस्टेबल ने फोन से जम्मू में रहने वाले अपने परिवार के लोगों से बातचीत की है। उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री धर्मपाल सैनी, माता रुक्मणी आश्रम जगदलपुर, एक अन्य व्यक्ति तेलम बोरैय्या और आदिवासी समाज, बीजापुर के वरिष्ठ अधिकारियों के अधिक कोशिशों के बाद मुक्त कराया जा सका है।

 

 

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