सपा सुप्रीमो के खिलाफ याचिका रद्द ,पूर्व विधायक पर एक लाख का हर्जाना

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इलाहाबाद। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के खिलाफ दायर याचिका एक लाख रुपए का हर्जाना लगाते हुए खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने धूराम चौधरी की याचिका पर यह आदेश दिया। याचिका दायर कर बसपा नेता ने सत्र न्यायाधीश महोबा के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत सत्र न्यायालय ने न्यायिक मजिस्ट्रेट कुलपहाड़ महोबा अंकित गोयल द्वारा मुलायम सिंह के खिलाफ जारी सम्मन पर रोक लगा दी थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुलायम सिंह के ‘‘एक औरत से चार लोग रेप नहीं कर सकते’’ कथित बयान को लेकर स्वत: संज्ञान लेकर सपा सुप्रीमो को इसी साल 21 अगस्त को आदेश से तलब कर लिया था और आपराधिक मुकदमा कायम किया था।

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बसपा के पूर्व विधायक ने दाखिल की थी याचिका
हाईकोर्ट में याचिका बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व विधायक धूराम चौधरी ने दाखिल की थी।इस आदेश पर सत्र न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने को याचिका में अनुच्छेद 227 के तहत चुनौती दी गयी थी। याचिका का विरोध प्रदेश के महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह, अपर महाधिवक्ता इमरानउल्ला एवं राजकुमार सिंह चौहान ने किया और कहा कि याचिका सपा सुप्रीमो को बदनाम करने के लिए दुर्भावाग्रस्त होकर दाखिल की गयी है। याची का विवाद से कोई सरोकार नहीं है। इसलिए याचिका भारी हर्जाने के साथ खारिज की जाए।

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