पूर्वांचली वोटर्स पर है कांग्रेस और बीजेपी की नज़र, मनोज तिवारी खेल सकते है बड़ा दाव

नई दिल्ली: 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के यूपी और बिहार से संबंध रखने वाले 12 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी. दिल्ली में पूर्वांचली वोटर्स की अच्छी खासी तादाद को देखते हुए बीजेपी और कांग्रेस उन्हें अपने पाले में लाने की पूरी कोशिशों में लगी हुई हैं. बीजेपी में जहां पूर्वांचली चेहरे मनोज तिवारी को दिल्ली में पार्टी की कमान दे रखी है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व सांसद कीर्ति आजाद को प्रचार कमेटी का अध्यक्ष बनाया. इतना ही नहीं दोनों पार्टियों ने बिहार के क्षेत्रिय दलों आरजेडी, जेडीयू और एलजेपी के साथ गठबंधन भी किया है.

पूर्वांचली समाज के लोग मुख्य तौर पर उत्तरी-पश्चिमी, उत्तरी-पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली इलाकों में ज्यादा हैं. जद (यू) के एक नेता कहते हैं, “दिल्ली चुनाव का दायित्व बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा को सौंपा गया है. दिल्ली में बड़ी संख्या में पूर्वाचल के लोग रहते हैं, इसी भरोसे जदयू यहां से कुछ सीटें हासिल करने की उम्मीद में है. पिछले दिनों बदरपुर में पार्टी अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक सभा कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर चुके हैं.”

दिल्ली में बीजेपी ने पहली बार जेडीयू के साथ गठबंधन किया है. बीजेपी ने जेडीयू को दो सीटें दी है. बीजेपी की कोशिश एलजेपी को भी अपने पाले में लाने की हैं. एलजेपी को बीजेपी की ओर से एक सीट ऑफर की गई है. हालांकि एलजेपी के साथ गठबंधन पर तस्वीर साफ होना बाकी है.

कांग्रेस ने भी किया गठबंधन

वहीं आरजेडी, कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतर रही है. आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं, “राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद बिहारियों के दिल में रहते हैं, भले ही बिहार के लोग बिहार के गांवों में रहते हों या दिल्ली जैसे शहरों में. इसलिए इस चुनाव में मनोज झा की काबिलियत और आरजेडी अध्यक्ष लालू के नाम का फायदा आरजेडी और कांग्रेस दोनों को मिलेगा.”

दिल्ली में बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं. कहा जाता है कि दिल्ली की तकरबीन 20-22 सीटों पर पूर्वाचल और बिहार के मतदाताओं का प्रभाव है. यही वजह है कि हर पार्टी पूर्वाचल के मतदाताओं पर खास नजर रख रही है. यही कारण है कि आरजेडी, कांग्रेस और जद (यू) बिहार के नेताओं को प्रभारी बनाकर पूर्वाचल के मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के प्रयास की रणनीति पर काम कर रही है.

दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए 8 फरवरी को मतदान होना है. दिल्ली चुनाव के नतीजों की घोषणा 11 फरवरी को होगी.

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