राफेल पर फिर से सियासी घमासान शुरू SC के फैसले के बाद कांग्रेस, बसपा और आप ने केंद्र सरकार को घेरा

नई दिल्ली: लोक सभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से एक दिन पहले राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने राफेल मामले में दायर की गई रिव्यू पिटिशन पर नए दस्तावेज के आधार पर सुनवाई का फैसला किया है। इसके बाद विपक्षी दल केंद्र सरकार के खिलाफ हमलावर हो गए हैं।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया- मोदी जी, आप चाहें जितना भाग ले या झूठ बोल लें। मगल, देर-सबेर सच सामने आ ही जाता है। राफेल घोटाले से जुड़े तार धीरे-धीरे बाहर आ रहे हैं और अब उसे छिपाने के लिए कोई ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट नहीं है।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सम्मानित कानूनी सिद्धांत को बरकरार रखा है। मोदीजी ने राफेल पर अपने भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम लागू करने की धमकी दी थी। मोदीजी चिंता मत करें, अब जांच होने वाली है, चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं।

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा मोदी जी हर जगह कह रहे थे कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राफेल में क्लीन चिट मिली है। आज के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साबित हो गया कि मोदी जी ने राफेल में चोरी की है, देश की सेना से धोखा किया है और अपना जुर्म छिपाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया।

https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/1115845672241119232

वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में राफेल रक्षा सौदे में भारी गड़बड़ी/भ्रष्टाचार को छिपाने की मोदी सरकार की कोशिश विफल। सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी सरकार पूरी तरह घिरी। संसद के भीतर व बाहर बार-बार झूठ बोलकर देश को गुमराह करने के लिए मोदी माफी मांगे और रक्षा मंत्री इस्तीफा दें।

https://twitter.com/Mayawati/status/1115851458229018625
बताते चलें कि सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की तीन सदस्यीय बेंच ने एक मत से दिए फैसले में कहा कि जो नए दस्तावेज डोमेन में आए हैं, उन आधारों पर मामले में रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट अब रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई के लिए नई तारीख तय करेगा।

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