कांग्रेस ने सरना धर्म कोड को केंद्र को भेजने संबंधि प्रस्ताव की मंजूरी पर प्रसन्नता जताई

उरांव ने कहा कि पार्टी घोषणा पत्र में भी सरना धर्म कोड से संबंधित प्रस्ताव लागू कराने की दिशा में सार्थक पहल का वायदा किया था और इस दिशा में विधानसभा से पारित होना एक महत्वपूर्ण कदम है.

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने विधानसभा की ओर से जनगणना 2021 में सरना आदिवासी धर्म कोड का प्रावधान लागू करने की मांग को केंद्र सरकार को भेजने के प्रस्ताव पर ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दिये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है.

उरांव ने कहा कि पार्टी घोषणा पत्र में भी सरना धर्म कोड से संबंधित प्रस्ताव लागू कराने की दिशा में सार्थक पहल का वायदा किया था और इस दिशा में विधानसभा से पारित होना एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमणकाल के कारण मार्च में देशव्यापी लॉकडाउन लागू हो जाने के बावजूद विभिन्न आदिवासी संगठनों, विधायकों, पूर्व विधायकों और अन्य प्रतिनिधि उनसे मुलाकात करते रहे और उन्होंने यह भरोसा दिलाया था कि सरकार इस दिशा में सार्थक कदम उठाएगी.

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस की ओर से इस संबंध में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष भी आग्रह किया जाएगा, ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर जनगणना 2021 में अलग सरना धर्म के प्रावधान को लागू किया जा सके. उन्होंने बहुप्रतीक्षित सरना आदिवासी धर्म कोड से संबंधित प्रस्ताव को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब एक बड़े वर्ग को न्याय मिल पाएगा. उन्होंने कहा कि लंबे समय से सरना धर्म कोड की मांग को लेकर सरना धर्मावलंबी आंदोलनरत थे और पार्टी ने भी इस मांग का समर्थन किया. सरना धर्म कोड लागू हो जाने से सरना धर्मावलंबियों की सही संख्या का पता चल पाएगा और उन्हें संवैधानिक अधिकार दिलाने में आसानी होगी.

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