किसान आत्महत्या मामले पर कांग्रेस ने तीखे किए तेवर, कहा- ऐसी घटनाएं शर्मसार करने वाली हैं

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देहरादून। उत्तराखंड में हर दिन आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या बढ़ रही है। इस बात पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर इसी तरह किसान आत्महत्या करते रहे तो राज्य में किसान ही नहीं बचेंगे। साथ ही, उन्होंने हाल ही में स्वाडी गांव में एक किसान के आत्महत्या करने की घटना को देवभूमि पर कलंक बताया है।

किसान आत्महत्या

किसान आत्महत्या मामले में कुछ नहीं कर रही राज्य सरकार

उन्होंने कहा कि जिस तरह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं, उस तरह से राज्य सरकार को आगे आना चाहिए और किसानों के कर्ज को माफ़ करना चाहिए लेकिन अफ़सोस सरकार ऐसा कुछ नहीं कर रही है। इससे पहले भी कई किसान भारी कर्ज के चलते आत्महत्या कर चुके हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों के आत्महत्या करने की घटनाएं शर्मसार करने वाली हैं। पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां खेती वर्षा जल पर ही निर्भर है। अधिक बरसात व ओलावृष्टि से किसानों की सब्जी, फल सहित सभी फसलें पूर्ण रूप से बर्बाद हो जाती है।

16 जून को पिथौरागढ़ जिले में कर्ज की वजह से एक किसान ने आत्महत्या कर ली थी। बताया जा रहा था कि किसान के ऊपर एक लाख 25 हजार रुपयों का कर्ज था और बैंक इस लोन को लोन जमा करने का किसान पर लगातार दबाव बना रहा था। यही नहीं, बैंक ने किसान को इस मामले में नोटिस भी भेजा था। ऐसे में इस किसान ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।

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वहीं, दूसरी ओर 25 जून को भी कंचनपुरी गांव में कर्ज की वजह से एक किसान ने आत्महत्या कर ली थी। जानकारी के अनुसार, किसान के ऊपर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक लाख 97 हजार व बैंक ऑफ बड़ौदा का पौने दो लाख रुपए का कर्ज था। किसान इस कर्ज को लेकर काफी तनाव में था इसलिए उसने आत्महत्या कर ली। वो अपने कर्ज से इतना परेशान थे कि उन्होंने शनिवार देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

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