जो पार्टी विपक्षी एकजुटता में निभा रही थी बढ़चढ़ कर हिस्सा…कांग्रेस ने उसी को किया दरकिनार

कोलकाता: भले ही कांग्रेस अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्षी एकता को एकजुट करने में जुटी हो लेकिन इसी एकजुटता के बीच केंद्र की मुख्य विपक्षी पार्टी अपनी पुरानी सहयोगी तृणमूल कांग्रेस की अनदेखा करने में जुटी है। दरअसल, पश्चिम बंगाल की कांग्रेस यूनिट ने सूबे की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से ज्यादा लेफ्ट को तवज्जो दिया है। राज्य की कांग्रेस इकाई का कहना है कि यहां तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन न किया जाए बल्कि उनकी जगह लेफ्ट पार्टियों को साथ लेकर चुनाव लड़ा जाए।

तृणमूल कांग्रेस

मिली जानकारी के अनुसार, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) को एक रिपोर्ट भेजा है जिसमें पार्टी इकाई ने बताया है कि आखिर बंगाल में टीएमसी और बीजेपी को कैसे हराया जा सकता है। रिपोर्ट में लेफ्ट पार्टियों के साथ गठबंधन करने के अलावा सामान्य ऑफिस खोलने की भी सलाह दी गई है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस महासचिव ओपी मिश्रा ने यह रिपोर्ट बीते  13 जून को भेजी है।

कांग्रेस महासचिव ने बताया कि हमने कांग्रेस आलाकमान के पास यह रिपोर्ट भेजी है और उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार है। रिपोर्ट में सिर्फ साल 2019 के लोकसभा चुनावों पर जोर नहीं दिया गया है बल्कि इस योजना के बारे में बताया कि कैसे 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी को हराया जा सकता है। हम राज्य में सीपीएम के साथ गठबंधन की सरकार बनाने के खिलाफ नहीं हैं।’

जो रिपोर्ट दिल्ली भेजी गई है उसमें ‘सेंट्रल ऑफिस प्वाइंट’ कोलकाता, आसनसोल, बहरामपुर और सिलीगुड़ी में खोलने की सलाह दी गई है। इसके अलावा एक वेबसाइट, फेसबुक पेज, पॉलिटिकल फ्रंट के लिए ट्विटर हैंडल बनाने को कहा है। 50 हजार मजबूत कार्यकर्ता बनाने की भी सलाह दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, टीएमसी ने राष्ट्रीय स्तर पर संसद में कई मामलों में मौन रहकर अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा का साथ दिया। कई महत्वपूर्व मुद्दों पर टीएमसी विपक्षी खेमे में भाजपा के खिलाफ शामिल नहीं हुई। हाल के दिनों में टीएमसी ने विपक्षी एकता को कमजोर करने की कोशिश की है। यह अपत्यक्ष रूप से 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को लाभ पहुंचाने की कोशिश है।

आपको बता दें कि पिछले महीने राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष अधिर रंजन चौधरी ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी का इराजा राज्य में सभी गैर टीएमसी और गैर भाजपा यूनिट से गठबंधन का है। उन्होंने कहा कि इस मामले में फैसला सभी कांग्रेस विधायक से मीटिंग के बाद लिया जाएगा। जिला नेताओं से भी सलाह ली जाएगी। तब उन्होंने कांग्रेस महासचिव ओपी मिश्रा से इसके लिए एक योजना तैयार करने के लिए भी कहा था।

Related Articles