कर्नाटक: कामयाब हो रही भाजपा की रणनीति, कांग्रेस-जेडीएस के इतने विधायक विधानसभा से नदारत

बेंगलुरु: विधानसभा चुनाव के बाद से कर्नाटक में शुरू हुई राजनीतिक जंग अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। कुछ घंटों के बाद ही हार-जीत का फैसला सामने आ जाएगा। इस राजनीतिक जंग को भाजपा और कांग्रेस के वर्चस्व की लड़ाई के रूप में भी देखा जा रहा है। विधानसभा में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन और भाजपा के विधायकों ने शपथ ग्रहण कर ली है। कुछ ही घंटों में राजनीतिक दलों शक्ति परीक्षा भी शुरू हो जाएगी और इसी शक्ति परीक्षा के बीच विधायकों के गायब होने का क्रम भी शुरू हो गया है। इसके साथ ही बीजेपी पर तोड़फोड़ करने का आरोप भी लगने लगा है।

खबर आ रही है कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के चार विधायक सदन में नहीं पहुंचे है। जबकि भाजपा का भी एक विधायक गायब थे। कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार ने बताया कि हमारे 2 विधायक सदन में नहीं पहुंचे हैं, भाजपा के सोमशेखर रेड्डी भी सदन में नहीं आए क्योंकि वो हमारे दोनों विधायकों का ख्याल रख रहे हैं। हालांकि उनके इस आरोप के बाद सोमशेखर ने सदन में पहुंचकर विधायक पद की शपथ ले ली है।

सदन में कांग्रेस नेता वीएस उगरप्पा ने आरोप लगाया कि येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेन्द्र ने  कांग्रेस विधायक की पत्नी को फोन किया और उससे कहा कि वह अपने पति को येदियुरप्पा को वोट देने की अपील करें।

वीएस उगरप्पा ने दावा कि बी वाई विजयेन्द्र  ने इसके बदले में विधायक को  15 करोड़ का ऑफर दिया। कांग्रेस नेता के मुताबिक बीजेपी नेता ने कांग्रेस विधायक को पैसे ना लेने की स्थिति में कैबिनेट पद देने का भी लालच दिया।

कांग्रेस ने कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा पर गंभीर आरोप लगाया। कांग्रेस ने दावा किया है कि सीएम येदियरप्पा ने खुद कांग्रेस विधायक बीसी पाटिल को फोन किया और उन्हें मंत्री बनाने का लालच दिया।

वहीं कांग्रेस के जो दो विधायक सदन में नहीं पहुंचे थे उनकी जानकारी मिली गई है। बेंगलुरु में होटल गोल्डफिंच के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस होटल में कांग्रेस के दो विधायक आनंद सिंह और प्रताप गौड़ा मौजूद है।

आपको बता दें कि 222 सीटों पर हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा के पास अभी 104 सीटें हैं, जबकि उसे बहुमत साबित करने के लिए 111 विधायकों की जरूरत है। ऐसे में अगर भाजपा  के कहने पर कांग्रेस और जेडीएस के 14 विधायक वोटिंग के दौरान सदन में अनुपस्थित रहें। तब भाजपा 104 सीटों के साथ ही बहुमत हासिल कर लेगी।

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