कांग्रेस को बड़ा झटका, बीजेपी में शामिल हो सकता है ये दिग्गज नेता

लखनऊ। कांग्रेस की डूबती नैया में एक छेद हो सकता है। खबरें आ रहीं हैं कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में पार्टी विधान परिषद सदस्य दिनेश प्रताप सिंह इन दिनों नाराज चल रहे हैं। कहा तो ये भी जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते वो बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। उनके साथ ही उनके भाई जिला पंचायत अध्यक्ष रायबरेली अवधेश प्रताप सिंह भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

सोनिया गांधी

पार्टी से नाराज हैं 

खबरे हैं कि ये दोनों नेता बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। विधान परिषद सदस्य दिनेश प्रताप सिंह का कहना है कि परिवार वाद और पार्टी की कार्यशैली की वजह से वो इसमें नहीं रहना चाहते। जब उनसे पुछा गया कि क्या वो बीजेपी में शामिल होंगे तब उन्होंने कहा कि समर्थकों से विचार विमर्श के बाद ही वो कोई फैसला लेंगे।

राजनीति में लम्बा कद रखते हैं 

आपको बता दें कि रायबरेली की राजनीति में दिनेश सिंह का बड़ा नाम है। दो बार विधानपरिषद सदस्य रहने वाले सिंह ने वर्ष 2016  कांग्रेस से एमएलसी का चुनाव जीतने वाले एकलौते सदस्य थे। वहीँ उनके भाई जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर उनके भाई अवधेश प्रताप सिंह है। वहीँ उनके भाई राकेश प्रताप सिंह 2017 के विधानसभा चुनाव में हरचंदपुर विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बने हैं।

 दिनेश प्रताप सिंह

राजनीति की शुरुआत 

दिनेश सिंह ने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी लेकिन बाद में उन्होंने सपा का साथ पकड़ लिया और पहली बार एमएलसी का चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं मिल सकी। फिर वो कांग्रेस में वापस लौट आये। उसके बाद उनके लिए राजनीतिक रास्ते आसान हो गए। वर्ष 2010 में पहली बार विधानसभा परिषद् का चुनाव जीता। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर उनके भाई की पत्नी को जीत मिली। इसके बाद 2016 में दोबारा वो एमएलसी बने।

तो इस वजह से पार्टी छोड़ रहे   

बताया जा रहा है कि दिनेश सिर्फ सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरी लाल शर्मा के गतिविधियों से नाराज होकर पार्टी को छोड़ रहे हैं। दोनों में काफी समय से कोल्डवार चल रही है। दिनेश सिंह ने शर्मा पर कांग्रेस को खोल्ख्ला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने ऐलान कर दिया था कि कांग्रेस में या तो किशोरी लाल शर्मा रहेंगे या फिर दिनेश प्रताप सिंह जिसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया।

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