कांग्रेस का UP में बड़ा दांव, मिनी घोषणा पत्र से लुभाएगी बीजेपी से नाराज वोटरों को

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नाराज लोगों को लुभाने और अपने साथ जोड़ने के लिए कांग्रेस ने बड़ा दांव चला है. कांग्रेस उत्तर प्रदेश के लिए मिनी घोषणा पत्र लाएगी, जिसमें शिक्षामित्रों, अस्थाई कर्मचारियों, किसानों और सूबे की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर समाधान के लिए ठोस आश्वासन देगी. माना जा रहा है कि इस मिनी घोषणा पत्र को कांग्रेस पहले चरण की वोटिंग से पहले लखनऊ में जारी करेगी.

कांग्रेस के मिनी घोषणा पत्र की जिम्मेदारी पार्टी नेता राशिद अल्वी को दी गई है. अल्वी ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि ये देश का लोकसभा चुनाव है, ऐसे में राष्ट्रीय परिदृश्य के मद्देजनर घोषणा पत्र जारी किया जाता है. हालांकि यूपी के कई अहम मुद्दे हैं जिनको हम घोषणापत्र में शामिल कर रहे हैं.

दरअसल, कांग्रेस यूपी में उन मुद्दों को घोषणा पत्र में शामिल कर रही है, जिन्हें लेकर यूपी में योगी सरकार के खिलाफ लोग नाराज चल रहे हैं. इनमें सबसे बड़ा मुद्दा शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर्स, रसोइयों और पुरानी पेंशन बहाल का है. इन तमाम मुद्दों को लेकर इससे जुड़े हुए लोग काफी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं.

पिछले दिनों कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू सिंह ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ शिक्षामित्रों, आंगनबाड़ी, पुलिस भर्ती, रोजगार सेवकों, आशा वर्कर्स, शिक्षक भर्ती, रसोइयों, जनसेवा केंद्र के कर्मियों, आधुनिक मदरसा शिक्षकों और शिक्षा प्रेरकों के संगठनों के लोगों की मुलाकात कराई थी. प्रियंका ने इन संगठनों के लोगों से मुलाकात के दौरान उनकी समस्याओं को सुनकर उन्हें ठोस आश्वासन दिया था.

कांग्रेस नेता अजय सिंह ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस यूपी के लिए मिनी घोषणा पत्र ला रही है. प्रियंका गांधी के साथ जिन संगठनों के लोगों ने मुलाकात की थी, उनके मुद्दों को इस घोषणा पत्र में शामिल किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘इन संगठनों के लोगों को प्रियंका गांधी ने भरोसा दिलाया है कि आप लोगों की आवाज दबने नहीं दी जाएगी. कांग्रेस अपने वादे पर कायम रहते हुए इन संगठनों के मांगों को घोषणापत्र में शामिल करने का फैसला किया है.

बता दें कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी सियासी जमीन को मजबूत करने की हरसंभव कोशिश में जुटी है. सपा, बसपा और बीजेपी के बागियों को कांग्रेस ने अपने साथ मिलाया है. इसके अलावा सरकार के नाराज लोगों को भी साधने की कवायद कर रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस इन संगठनों से जुड़े हुए लोगों को लुभाने के लिए उनकी मांगों को अपने मिनी घोषणा पत्र में शामिल कर रही है.

कांग्रेस ने खासकर शिक्षामित्र के मुद्दे को ज्यादा से ज्यादा अहमियत देने का फैसला किया है. सूबे में करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र हैं. इसके अलावा आवारा पशुओं से किसानों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए बेहतर कदम उठाने की बात को घोषणा पत्र में शामिल करेगी.

Related Articles