यूपी के डीजीपी बोले- नौजवानों को काबू में करो तभी रुकेंगी सेक्स से जुड़ी वारदातें

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डीजीपी जगमोहन यादव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डीजीपी जगमोहन यादव सेक्स से जुड़े अपराधों के लिए युवाओं को जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना है कि यौन शोषण की घटनाएँ रोकना है तो नौजवानों को रोको। यौन उत्पीड़न की बढ़ती वारदातों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यौन शोषण की घटनाएँ हो रही हैं तो लोग जेल भी भेजे जा रहे हैं। क्या पहले ऐसी घटनाएँ नहीं होती थीं! पहले क्या राम राज्य था! उन्होंने कहा कि घटनाएँ पहले लिखी नहीं जाती थीं, अब लिखी जाती हैं। इसलिए ज्यादा लग रही हैं।

डीजीपी जगमोहन यादव मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने आज उत्तर प्रदेश पुलिस की पीठ थपथपाई। कहा, पंचायत चुनाव में हजारों घटनाएँ हो सकती थीं लेकिन पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम सही होने की वजह से घटनाओं को रोक लिया गया। पुलिस की शान में कसीदे पढ़ते हुए उन्होंने यह दावा भी किया कि सम्भवतः ये पहला ऐसा चुनाव है जहाँ पुलिस और प्रशासन पर पक्षपात का कोई भी आरोप नहीं लगा। मीडिया में भी ऐसी कोई ख़बरें नही आईं।

उन्होंने आगे कहा कि गाँव के चुनाव के पहले और बाद में भी तनाव बना रहता है। ये तनाव अगले चुनाव तक रहता है। पंचायत चुनाव तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव से भी महत्वपूर्ण हैं। हमारी उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार चुनाव की वजह से हमे केंद्र से 350 कंपनियों की जगह कुछ कंपनी फ़ोर्स ही मिल पाई। हमारे पास 95 हज़ार होमगार्ड थे। केंद्र ने नहीं दी पूरी फोर्स तो होमगार्ड को फोर्स की तरह इस्तेमाल किया गया।

डीजीपी साहब ने गिनवाए आंकड़े
2010 में पंचायत चुनाव का प्रतिशत 66.58 था जबकि 2015 में 68.64 प्रतिशत रहा।
हिंसा और मारपीट के 2010 में 237 मुक़दमे दर्ज हुए थे जबकि 2015 में 116 मुक़दमे दर्ज किये गए।
2010 में बूथ लूटने की 10 घटनाएँ हुई थीं जबकि 2015 में सिर्फ 1 घटना हुई।
मतपेटी लूटने की घटना 2015 में 27 घटनाएँ हुईं जबकि 2015 में सिर्फ 5 घटनाएँ हुईं।

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