COP26: वैश्विक सुशासन के लिये नयी ऑपरेटिंग प्रणाली आज से होगी जारी

नई दिल्ली: वैश्विक सुशासन के लिये ग्लोबल सिटीजंस असेम्बली नाम से एक नयी ऑपरेटिंग प्रणाली का लोकार्पण आज मंगलवार को किया जायेगा। शुरू हो रही ग्‍लोबल असेम्‍बली का उद्देश्‍य धरती पर रहने वाले हर व्‍यक्ति को वैश्विक सुशासन में हिस्‍सा लेने के लिये एक व्‍यावहारिक रास्‍ता उपलब्‍ध कराना है। ग्‍लोबल असेम्‍बली के सदस्‍य सीओपी26 जलवायु सम्‍मेलन में नीति निर्धारकों के सामने अपने विचार प्रस्‍तुत करेंगे।

सिटिजंस असेम्‍बली जीवन के विभिन्‍न क्षेत्रों से जुड़े लोगों का जनसांख्यिकीय प्रतिनिधि समूह है, जिनका चयन लॉटरी के जरिये होता है। वे एक सुनिश्चित विषय पर समझ बढ़ाने और उस पर काम करने की योजना पर विचार-विमर्श करने के लिये एकजुट होते हैं और सरकारों तथा नेतृत्‍वकर्ताओं को सुझाव देते हैं।

2021 ग्‍लोबल असेम्‍बली जलवायु एवं पारिस्थितिकी सम्‍बन्‍धी संकट से सरोकार रखने वाले दुनिया भर के चयनित नागरिकों की एक सभा है। इसकी कोर असेम्‍बली में 100 सदस्‍य होते हैं (ये लॉटरी के जरिये चुने जाते हैं और धरती की आबादी की एक तस्‍वीर का प्रतिनिधित्‍व करते हैं)। साथ ही कम्‍युनिटी असेम्‍बलियां भी होती हैं जिन्‍हें कोई भी व्‍यक्ति ग्‍लोबल असेम्‍बली के चरण-दर-चरण टूलकिट का इस्‍तेमाल करके कहीं से भी संचालित कर सकता है।

नवम्‍बर 2021 में ब्रिटेन के ग्‍लासगो में संयुक्‍त राष्‍ट्र की जलवायु सम्‍बन्‍धी बैठक सीओपी26 के आयोजन के समय ही कोर और कम्‍युनिटी असेम्‍बि‍लयां जलवायु तथा पारिस्थितिकी सम्‍बन्‍धी संकट का आकलन एवं उस पर विचार-विमर्श करेंगी। कोर असेम्‍बलियां सीओपी26 में अपने मुख्‍य संदेशों को पेश करेंगी और कोर तथा कम्‍युनि‍टी असेम्‍बलियों की प्रति‍क्रियाओं को एक रिपोर्ट के तौर पर संकलित किया जाएगा जिसे मार्च 2022 में विश्‍व नेताओं के समक्ष रखा जाएगा।

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