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Kumbh mela में साधु-संतों पर कोरोना का आक्रमण, निरंजनी अखाड़े ने समाप्त किया मेला

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में 11 साल बाद कोरोना महामारी के बीच कुम्भ-2021 (Kumbh mela) आयोजित हुआ है। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद यहां पवित्र स्थान पर कोरोना  ने अपना आक्रमण करने से नही चुका है। इस दौरान कई साधु-संतों में कोरोना संक्रमित हुए है। कोरोना की भयावहता को देखते हुए निरंजनी अखाड़ ने कुंभ (Kumbh mela) के समापन की घोषणा कर दी है। अखाड़ा ने कहा कि उनके कई साधु-संतों में कोरोना के लक्षण मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है।

निरंजनी अखाड़े के सचिव रवींद्र पुरी ने बताया है कि, ‘तेजी से फैले इस कोरोना की वजह से कुंभ मेला खत्म कर दिया गया है। मुख्य शाही स्नान संपन्न हो गया है और अखाड़ों में कई लोगों में कोरोना के लक्षण दिखे हैं।’ आपको बता दें कि 14 दिनों से हरिद्वार में कुंभ मेले का शाही स्नान चल रहा है। इस दौरान 3000 से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

इस दिन मामले थे कम

जानकारी के मुताबिक, बीते 1 से 31 मार्च तक कोरोना संक्रमण के हरिद्वार में कम से कम 10 से 20 मामले आ रहे थे लेकिन 1 अप्रैल से इन मामलों का आंकड़ा प्रतिदिन 500 पार कर के बढ़ता चला गया है। सैकड़ों साधु-संत भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं।

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अधिकारी ने दी जानकारी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मेला आईजी सजंय गुंज्याल ने जानकारी दी है कि बॉर्डर्स की बात करें तो एसओपी के अनुसार पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता से चेकिंग अभियान चलाया। अगर बॉर्डर पर टेस्टिंग की बात की करें तो तो 1 अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल तक 1 लाख 54 हजार 466 टेस्ट किए गए थे, जिसमें से 222 लोग पॉजिटिव मिले। इसके अलावा जो लोग टेस्टिंग नहीं करवाना चाह रहे थे और साथ ही आरटीपीसीआर कि रिपोर्ट भी नहीं लाए ऐसे 9 हजार 786 वाहन और 56 हजार 616 लोगों को वापस भेजा गया है।

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सीएम ने आज बुलाई बैठक

निरंजनी अखाड़े के कुंभ मेले की समाप्ति के ऐलान के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोरोना के मामले पर पर शुक्रवार को हाईलेवल मीटिंग बुलाई है। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में कुंभ मेला को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

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