कोरोना संकट: लखनऊ में 30 अप्रैल तक सभी तरह के कार्यक्रमों पर पाबंदी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सावधानी के साथ सख्ती भी बढ़ा दी गई है. पुलिस प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए शहर में हर तरीके के सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, खेलकूद, व्यापारिक, प्रदर्शनी, रैली जुलूस आदि कार्यक्रमों के आयोजन पर 30 अप्रैल तक पाबंदी लगा दी है. यह आदेश लखनऊ पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) नवीन अरोड़ा की तरफ से जारी किया गया है.

इसके अलावा वायरस की रोकथाम के लिए इलाके में धारा 144 भी लगाई गई है. लोगों को जागरुक करते हुए प्रशासन ने अपील की है कि कोरोना वायरस से संक्रमित किसी भी व्यक्ति की जानकारी मिलने पर फौरन चिकित्सा विभाग को सूचित करें.

नवीन अरोड़ा ने आदेश जारी करते हुए लोगों को निर्देश दिया है कि ऐसे किसी भी मामले की जानकारी को बिल्कुल भी ना छुपाएं, क्योंकि ऐसा करना आईपीसी की धारा 188, 269 और 270 का उल्लंघन होगा. अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इस आदेश के साथ लखनऊ के सभी थाना क्षेत्रों के थानाध्यक्षों और पुलिसकर्मियों को भी सूचित किया गया है कि वह अपने इलाकों में कड़ी नजर बनाए रखें. किसी भी दशा में संक्रमित व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलते ही अपने स्तर पर तत्काल कार्रवाई कर उसे आइसोलेट करें और चिकित्सा विभाग को सूचना दें. इस मामले की देखभाल के लिए गठित टीम फौरन ही संक्रमित या संदिग्ध शख्स के इलाज और रहने की व्यवस्था करेगी.

कोरोना वायरस के कारण देश में मरने वाले लोगों की संख्या 199 पर पहुंच गई है और संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 6,412 हो गई है. गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब भी 5,095 लोग संक्रमित हैं जबकि 472 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है तथा एक व्यक्ति देश छोड़कर चला गया है.

 

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