यूपी में कोरोना : केजीएमयू में 6 लोग में और पाया गया पाॅजिटिव

लखनऊ। राजधानी स्थित केजीएमयू में कोरोना मरीजों के कुल 145 में से 6 की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। जबकि 139 सैंपल निगेटिव आए हैं। सभी रिपोर्ट मरीज के संबंधित जिले चिकित्सा अधिकारी को भेज दी गयी है। पाजिटिव आने वाले सैंपल आगे की जांच के लिए पुणे भेजा गया है।
यह जानकारी गुरुवार को केजीएमयू में एक प्रेस वार्ता में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ अमिता जैन ने दी।

डॉ. अनीता जैन ने बताया कि एन 95 मास्क सिर्फ हेल्थ केयर वर्कर्स लिए हैं। मेडिकल स्टाफ और संक्रमित मरीज के परिजनों को ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग करना चाहिए। डाक्टर ने बताया कि ज्यादातर लोगों में इस बीमारी के या तो कोई लक्षण नहीं होते, या फिर बहुत माइनर लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे खांसी, गले में खराश या जुखाम आदि हो सकता है। बहुत कम मरीजों में गंभीर लक्षण सामने आते हैं। भारत वर्ष में अभी तक जितने भी मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं, उनमें कोई बड़े लक्षण नहीं दिखे है।

डॉ. अनीता जैन ने कहा कि अभी फिलहाल इस बीमारी को लेकर ज्यादा चिंता की बात नजर नहीं आ रही है। अभी हमारे पास कोई स्पेशल दवा करोना वायरस के लिए नहीं है। लेकिन कुछ नोन एंटीवायरस दवाइयां हैं, जो दी जा रही हैं। अब यह समय बताएगा कि वह कितनी कारगर है। उन्होंने बताया कि सामान्य रूप से ही बाहर निकलने में आदमी को मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आप किसी ऐसे इलाके में जा रहे हैं, जहां पर करोना के पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं तो मास्क लगा लें।

बचाव के लिए खांसी और झींकते अपना मुंह ढक लें। जुखाम है तो भी रूमाल से अपना मंुह ढक कर रखें। अगर आपको खांसी आती है और आपके पास टावेल या रुमाल नहीं है तो अपनी कोहनी से अपने मुंह को ढक लें। बाद में जाकर अपना हाथ साबुन से धोएं। क्योंकि इस तरह के वायरस संपर्क से फैलते हैं। इसलिए बचाव बहुत जरूरी है।

डाक्टर ने बताया कि आप बार-बार अपने हाथों को साबुन से धोएं। साथ ही सार्वजनिक जगहों पर टेलीफोन, लिफ्ट के बटन, डोर बेल, दरवाजे आदि जैसी चीजों को जिसे सब छूते हैं, उसे छूने के बाद अपने हाथों को साबुन से धो लें। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जो लोग भी अपने बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करें वह मास्क को इस्तेमाल करने के बाद ऐसे ही कूड़े में मत डालें। बल्कि उसको पूरी तरह से नष्ट कर दें। क्योंकि संक्रमित मास्क से बीमारी फैलने का खतरा ज्यादा होता है।

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