दिल्ली में कोरोना बढ़ रहा, सरकारी अस्पतालों के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द

नई दिल्ली:दिल्ली में तेजी से बढ़ रहा लगातार कोरोनावायरस के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी हॉस्पिटलों और मेडिकल इंस्टीट्यूशन के स्टाफ की छुट्टियां कैंसल करने का आदेश दिया है. दिल्ली सरकार ने आदेश जारी कर छुट्टी पर गए सभी स्टाफ को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर वापस रिपोर्ट करने को कहा है. आदेश में कहा गया है कि सिर्फ बहुत आवश्यक परिस्थितियों में ही स्टाफ को छुट्टी दी जाएगी. बता दें कि दिल्ली में कोरोनावायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और यहां संक्रमितों का आंकड़ा 50 हजार के पार पहुंच चुका है. दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण आईसीयू बेड और इससे जुड़ी मेडिकल व्यवस्था की मांग बढ़ी है. इसे देखते हुए सरकार ने आईसीयू इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. इसे लेकर हुई बैठक में आईसीयू में काम करने वाले लोगों की कमी की बात सामने आई. इसके मद्देनजर फैसला हुआ कि दिल्ली के सभी पीजी मेडिकल इंस्टीट्यूट के एमडी/एमएस/डीएनबी ग्रेजुएट डॉक्टर तत्काल प्रभाव से अगले 6 महीने के लिए कोरोना अस्पतालों में काम करेंगे. इसी तरह, पीजी नर्सिंग और अंडर ग्रेजुएट नर्सिंग स्टूडेंट्स अगले 6 महीने के लिए कोरोना अस्पतालों में आईसीयू डयूटी में लगाए जाएंगे. दिल्ली के ज्यादातर मेडिकल इंस्टिट्यूट गुरु गोविंद सिंह आईपी यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड हैं. इसके वीसी डॉक्टर महेश वर्मा को इन सभी स्टूडेंटों की पर्याप्त संख्या मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी गई है. इन्हें क्या भुगतान किया जाए, इसे भी डॉक्टर महेश वर्मा को ही तय करना है. डॉक्टर वर्मा स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव के साथ मिलकर अगले चार दिनों में यह काम पूरा करेंगे.

शनिवार को ही दिल्ली स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक हुई जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलजी अनिल बैजल के आदेश का पुरजोर विरोध किया. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आदेश दिया है कि अब दिल्ली में कोई भी कोरोना पॉजिटिव होगा तो उसको कम से कम पांच दिन क्वारंटाइन सेंटर में रहना जरूरी होगा. केजरीवाल ने कहा कि जब ICMR पूरे देश में बिना लक्षण और हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों को होम आइसोलेशन की इजाजत देता है, तो दिल्ली में अलग नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं.

Related Articles