Corona Special Holi: लोगों को आकर्षित कर रही है कोरोना रंग और COVID पिचकारी

होली के रंगों से सज गया है बाजार, यूपी के जिले प्रयागराज में होली (Holi) के रंगों में कोविड केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि कोरोना न हो

लखनऊ: राज्य में कोरोना वायरस COVID-19 के बढ़ते मामलो पर लगाम लगाने के लिए इस बार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज में होली (Holi) के रंगों में कोविड केमिकल (Covid Chemical) का इस्तेमाल किया जा रहा है। ताकि प्रदेश में कोरोना की रफ्तार कम हो सके। इसके साथ ही यूपी में होली के अवसर पर मंदिरों में चढ़ाए जानें वाले फूलों से ‘हर्बल गुलाल’ बनाकर तैयार किए जा रहें है।

कोरोना रंग (Corona color)

देशभर में इस बार होली (Holi) का पर्व 29 मार्च को पड़ रहा है। जिसके लिए होली के रंगो से बाजार सज उठे हैं। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते मामलो के कारण होली के रंग इस बार फिकी पड़ती हुई नजर आ रही है। जिसे रोकने के लिए यूपी के जिले प्रयागराज में दुकानदारों ने कोरोना रंग और कोविड केमिकल से भरी पिचकारियों को बाजारों में बेच रहे हैं। ताकि लोगों को कोरोना का संक्रमण नहीं हो।

कोविड से संबधित पिचकारियां

उत्तर प्रदेश में कोरोना के चलते होली के लिए प्रयागराज (Prayagraj) के दुकानों में कोरोना रंग (Corona color) और पिचकारियां मिल रही हैं। एक दुकानदार ने बताया कि, लगभग सभी पिचकारियां कोविड (Covid) से संबंधित हैं। रंगों में कोविड केमिकल का इस्तेमाल हुआ ताकि किसी को कोरोना न हो सके। इस बार नई चीजों के साथ होली (Holi) खेली जाएगी।

होलिका दहन मुहूर्त

होली (Holi) वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार 28 मार्च को होलिका दहन (Holika Dahan) होगा जिसका शुभ मुहूर्त 18 बजकर 37 मिनट से 20 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। 29 मार्च को लोग एक-दूसरे को अबीर और रंग लगाकर होली का पर्व मनायेंगे।

गाने-बजाने का दौर

ऐसा माना जाता है कि होली के दिन लोग पुरानी कटुता को भूल कर गले मिलते हैं और फिर से दोस्त बन जाते हैं। एक दूसरे को रंगने और गाने-बजाने का दौर दोपहर तक चलता है। इसके बाद स्नान कर के विश्राम करने के बाद लोग नए कपड़े पहन कर शाम को एक दूसरे के घर मिलने जाते हैं, गले मिलते हैं और मिठाइयां खिलाते हैं।

हर्बल गुलाल (Herbal Gulal)

उत्तर प्रदेश राज्य के ‘ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत’ स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से यूपी सरकार के अधिकारी मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों से ‘गुलाल’ (Gulal) तैयार करवा रहे हैं। जो पूरी तरह से हर्बल होगा। लखनऊ (Lucknow) के खाटू श्याम मंदिर, काशी नगरी वाराणसी (Varanasi) के पास विंध्यवासिनी मंदिर और श्रावस्ती (Shravasti) के देवी पाटन मंदिर में होली के लिए फूलों से हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है। इस पहल से पर्यावरण प्रदूषित नहीं होगा।

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