माघ मेला 2020-21 में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये कोरोना टेस्ट अनिवार्य

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से माघ मेला 2020-21 में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से माघ मेला 2020-21 में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं विशेषकर कल्पवासियों एवं संतों के लिए उच्च स्तर की व्यवस्था करते हुए सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें।

अपने सरकारी आवास पर प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेले 2020-21 की तैयारियों की समीक्षा करते हुये सीएम योगी ने निर्देश दिए कि कल्पवासियों की सुरक्षा के सभी प्रबन्ध किए जाएं। मेला क्षेत्र में सुविधाएं मुहैया कराए जाने तथा सुरक्षा के सम्बन्ध में कोई समझौता न किया जाए। माघ मेले में आने वाले कल्पवासियों के लिए स्वच्छता, सैनेटाइजेशन का पूर्ण प्रबन्ध सुनिश्चित किया जाए।

उन्होने कहा कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए माघ मेले में आने वाले कल्पवासियों के लिए मेला क्षेत्र में प्रवेश से पहले कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए आरटीपीसीआर पद्धति से कोविड टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य किया जाए। कल्पवास पर आने वाले श्रद्धालु यह टेस्ट मेला क्षेत्र में आने से तीन दिन पहले करवा लें, ताकि उन्हें रिपोर्ट मिल जाए और वे इसके नेगेटिव होने के आधार पर वे प्रवेश पा सकें। साथ ही, मेला क्षेत्र में रहने वाले कल्पवासियों का उनके प्रवास के दौरान कम से कम दो बार रैपिड एंटीजन टेस्ट भी करवाया जाये।

जो कल्पवासी को-माॅर्बिडिटी से ग्रस्त हों

जो कल्पवासी को-माॅर्बिडिटी से ग्रस्त हों, वे अपने स्वास्थ्य के मद्देनजर कल्पवास के सम्बन्ध में स्वयं निर्णय लें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति अत्यन्त संवेदनशील है। समीक्षा बैठक के दौरान कोविड-19 महामारी की व्यापकता के दृष्टिगत माघ मेले के आकार पर भी विचार किया गया। माघ मेले के दौरान पौष पूर्णिमा, मकर संक्रान्ति, मौनी अमावस्या, बसन्त पंचमी, माघ पूर्णिमा एवं महाशिवरात्रि आदि के विशेष स्नान पर्वाें पर किये जाने वाले प्रबन्धों के सम्बन्ध में भी विचार-विमर्श किया गया।

माघ मेले के शिविरों के निर्धारण

माघ मेले के शिविरों के निर्धारण, सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करने के लिये उठाए जाने वाले कदमों, कल्पवासियों की संख्या के अवधारण, शिविरों एवं स्नान घाटों पर भीड़ के प्रबंधन के लिये तैयारी, मेला क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आवागमन को नियंत्रित किये जाने के लिये उठाए जाने वाले कदम तथा मेले के दौरान गंगा नदी में जल के बहाव और स्वच्छ पानी की उपलब्धता के विषय में भी मुख्यमंत्री ने जरूरी निर्देश दिए।

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यदि मेले के दौरान पण्डालों की स्थापना आवश्यक हो तो

उन्होंने कहा कि यदि मेले के दौरान पण्डालों की स्थापना आवश्यक हो तो इनकी संख्या सीमित रखी जाए। साथ ही, सोशल डिस्टेन्सिंग और मास्क लगाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक के दौरान माघ मेला 2020-21 के सम्बन्ध में एक प्रस्तुतीकरण भी किया गया, जिसके तहत प्रयागराज मेला प्राधिकरण, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई विभागों, यूपीपीसीएल, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई तथा जल निगम द्वारा कराए जाने वाले कार्यों के विषय में विस्तार से प्रकाश डाला गया।

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ये अधिकारी उपस्थित रहे

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन, मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सिंचाई टी वेंकटेश, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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